नेताओं के निजी स्कूल होने के कारण कार्यवाही ठंडे बस्ते मे
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सीबीएसई व आईएससी बोर्ड से संबंधित निजी स्कूल द्वारा अपने निजी स्कूलों व निश्चित दुकानों के माध्यम से कमीशन की बजए से निजी प्रकाशको की किताबे बिक्री की जा रही है। इस संबंध में शीघ्र कार्यवाही करने के लिए अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति व राज्यपाल सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। निजी प्रकाशकों के खिलाफ अभी तक कार्यवाही न होने से यह माना जा रहा है कि नेताओं व अधिकारियों के बच्चे भी पढ़ते है और नेताओं के भी निजी स्कूल संचालित है। जिस कारण कार्यवाही ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। अधिवक्ता व व्यापारी एवं आम जन मानस में निजी प्रकाशकों द्वारा चिन्हित दुकानों पर दुकाने बिक्री किये जाने पर रोष है। अधिवक्ताओं ने बताया कि कायमगंज, फर्रुखाबाद में अधिवक्ता विधि व्यवसाय करते है। इतनी महंगी किताबे खरीदने के लिए वह सक्षम नहीं है। प्रकाशको की किताबे व डे्रसे भी निश्चित दुकानों पर बेंची जा रही है। कक्षा १ की किताबे लगभग ५ हजार रुपये का सेट मिल रहा है। ३५०० रुपये से लेकर १५ हजार रुपये तक का सेट बेंचा जा रहा है। जिसमें नर्सरी से कक्षा १२ तक की किताबे अलग-अलग रेट के अनुसार पैकेट बने हुए है। निजी पुस्तक विके्रता खुलेआम चौगुने दाम अभिभावको से वसूल रहे है। शासन के निर्देशानुसार एनसीआरटी की किताबे नहीं दे रहे है। इस तानाशाही के चलते निजी स्कूल संचालक व निजी प्रकाशक के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। कुछ अधिवक्ताओं ने कहा कि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो यह मामला न्यायालय ले जाया जायेगा। अभिभावकों को दी गई रशीद के अनुसार चौगुने दामों में मिली किताबों की रशीद को लेकर जन सूचना अधिकार के तहत अधिवक्ता आरटीआई भी डालने वाले है। निजी स्कूलों द्वारा खुलेआम शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है। इसे अतिशीघ्र रोका जाये। अधिवक्ता राहुल सिंह, विनोद कुमार गंगवार, शिवशरण अवस्थी, वीरेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, अनोखे लाल शाक्य, अमेन्द्र सिंह यादव, राघव चन्द्र शुक्ल, स्नेह कुमार, नवनीतकांत, प्रवीण कुमार मिश्रा, शरद चन्द्र, देवेन्द्र कुमार गंगवार, अवनीश कुमार,अजीब हुसैन, उग्रसेन शाक्य, प्रमोद कुमार गंगवार, अमरीतेश कुमार, राजीव कुमार, सत्यपाल सिंह राजपूत, सुधाकर, बृजेश कुमार पाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
अधिवक्ताओं ने निजी स्कूल संचालक, कमीशनखोर दुकानदारों के खिलाफ राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
