ईश्वर को भक्ति और उपासना के साथ ही प्राप्त किया जा सकता: अल्का आर्या
तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव यज्ञ सम्पन्न
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। विकास खण्ड कमालगंज के ग्राम गदनपुर देवराजपुर में चल रहे आर्य समाज का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव यज्ञ में पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न हुआ। यज्ञ में आस-पास के गांवो के श्रद्धालु भारी संख्या में सम्मलित हुए। आर्य विद्वानों द्वारा सभी ग्रामवासियों को सामाजिक कुरीतियों व पाखंड को त्याग कर नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया। आचार्य योगेश भारद्वाज ने कहा कि हमें इतना सुंदर शरीर ईश्वर की भक्ति के लिए मिला है। परमात्मा ने बुद्धिमत्ता पूर्वक इस शरीर के प्रत्येक अंग को बनाया है, इसलिए उसको सर्वज्ञ कहते हैं। परमात्मा किसी के साथ कभी अन्याय नहीं करता। हम सबको उसकी भक्ति करनी पड़ेगी। हमारे वेदों के अनुसार परमात्मा एक है। परन्तु मतमतान्तरों के लोगों ने अनेक ईश्वर मान रखे हैं। इसी कारण आज ईश्वर के नाम पर जगह-जगह झगड़े हो रहे हैं। महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों का प्रमाण देते हुए हमें ईश्वर के सच्चे स्वरूप का बोध कराया। आज यदि दुनिया में धर्म के नाम पर हो रहे झगड़ों को हमे रोकना है तो हमे आर्य समाज के साथ मिलकर एकेश्वरवाद को अपनाना होगा। नोएडा से आयीं भजनोपदेशिका अल्का आर्या ने अपने भजनों के माध्यम से संगीत की सरिता बहाई। उनके गीत धर्म वैदिक आर्य नाम एक ईश्वर की करें उपासना मिलके सुबह और शाम उन्होंने कहा कि ईश्वर को भक्ति और उपासना के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। भक्ति और उपासना का मार्ग हमें वेदों से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज मातृशक्ति सबसे ज्यादा पाखंड की शिकार है। ढोंगी बाबाओं और गुरुघंटालों के बहकाबे में आकर ये अपना धन और समय गंवा रही हैं। आचार्य संदीप आर्य ने कहा कि समाज को पाखंड से सिर्फ आर्य समाज ही बचा सकता है, इसलिए युवा पीढ़ी को इससे जुडक़र अपने जीवन मे परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मांदेव आर्य, सुरेंदर रीस, राजीव, रामप्रकाश आर्य, काशीराम आर्य, मुन्ना यादव, हरी सिंह, विजय सिंह, अर्जुन सिंह, आदि मौजूद रहे।
परमात्मा किसी के साथ कभी अन्याय नहीं करता: आचार्य योगेश भारद्वाज
