कुख्यात लकड़ी माफिया दानिश और गुड्डा द्वारा खुलेआम काटे जा रहे हरे वृक्ष
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। शमशाबाद थाना क्षेत्र में हरे वृक्षों के अवैध कटान का गोरखधंधा अपने चरम पर है। जिसमें शमशाबाद के लकड़ी माफियाओं के सरगना दानिश व गुड्डा के संरक्षण में इस कार्य को अमली जामा पहनाया जा रहा है।
ये दोनों कुख्यात लकड़ी माफिया दानिश व गुड्डा शहर के कई अन्य लकड़ी माफियाओं के सरगना भी कहलाये जाते है। यह दोनों शहर के अन्य लकड़ी माफियाओं के रहनुमा बनकर अवैध लकड़ी कटान के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं। जिनमें से एक तय रकम का हिस्सा वन दरोगा जहीर खान को भी दिया जाता है। जिससे की लकड़ी माफियाओं द्वारा काटी गई लकड़ी को वन दरोगा जहीर खान द्वारा पकड़ा ना जाए। इसके अलावा इन दोनों लकड़ी माफियाओं को वन विभाग से जुड़े कुछ अन्य कर्मचारीयों का भी संरक्षण प्राप्त हैं। ज्ञात हो कि लकड़ी माफिया दानिश एक आरा मशीन का भी संचालन भी कर रहा है। ऐसा ही एक ताजा मामला उस समय देखने को मिला जब कुख्यात लकड़ी माफिया गुड्डा एक ट्रैक्टर में नीम की हरी लकड़ी काटकर उसको ठिकाने लगाने ले जा रहा था। जब ट्रैक्टर चालक से लकड़ी कटान के संबंध में जानकारी की गई, तो उसने बताया कि यह लकड़ी गुड्डा की है। इस लकड़ी को शाहिद की आरा मशीन पर पलट दिया और उसके ऊपर से छूट वाली लकड़ी को पलट दिया गया। इस संबंध में जब रेंजर राजेश कुमार को जानकारी दी गई तो उन्होंने वन दरोगा जहीर खान को तुरंत मौके पर भेजकर जांच पड़ताल करवाई, लेकिन वन दरोगा जहीर खान ने लकड़ी माफियाओं से मिले होने की वजह से क्षेत्रीय वन्य अधिकारी राजेश कुमार को भी गुमराह कर दिया और बताया कि यहां कोई लकड़ी काटकर नहीं लाई गई है। बताते चलें कि शमशाबाद नगर में इस वक्त लगभग दो दर्जन से अधिक लकड़ी माफिया सक्रिय है। जिनमें मुख्य रूप से राजू जादौन, काले, मंसूर, नन्हे, इशरार, छोटे, रईस, गुईया, इस्सू, शारिक, शाहिद, लालू, भुल्लन, भूरा, फिरोज, मुन्नलाल, सर्वेश शर्मा सहित कई लकड़ी माफिया इस कार्य में शामिल हैं।
वन दरोगा की नाक के नीचे धड़ल्ले से हो रहा प्रतिबंधित हरी लकड़ी का चिरान
