पूतना वध के साथ श्रीकृष्ण लीला सुन श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्रीराधा वल्लभ धर्माथ सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा नेकपुर में पांचवें दिन की कथा में वक्ता साध्वी आर्या पंडित ने राजा बलि की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि श्री वामन भगवान ने उनसे छल करके तीन पग भूमि मांगी। फिर उनके वक्षस्थल तक नापने की जरुत पड़ी। उसके बाद उन्होंने पूतना वध की कथा सुनाते हुए कहा कि पूतना के कोई संतान नहीं थी। वह बच्चों को मारने का काम करती थी। एक दिन यशोदा मैया को लाला की बधाई देने के बहाने अपने स्तनों में कालकूट जहर लगाकर गई और लाला को दर्शन कराने को कहा। उसने कन्हैया को अपने स्तनपान कराने का उपक्रम किया। भगवान श्रीकृष्ण ने शिवजी का ध्यान करते हुए विषपान को उन्हें आमंत्रित किया और स्वयं दूध पीने के लिए स्तनों को मुहं में दबाया और अपने पैर उसके वक्षस्थल पर लगाकर उसके प्राण खींच लिये और पूतना बहुत तेज आवाज के साथ धड़ाम होकर गिर गयी। उसके शरीर से बहुत सुंदर खुशबू निकली। इसके बाद कंस द्वारा भेजे गये विभिन्न प्राणहन्ता पूरे राज्य में घूमने लगे। इस प्रकार संकटासुर, अघासुर, बकासुर आदि बहुत से राक्षस कन्हैया को मारने के लिए आये, लेकिन भगवान कृष्ण ने बाल लीला करते हुए एक-एक करके सभी को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद भगवान कृष्ण ने विभिन्न लीलायें करते हुए राक्षसों का वध किया और गोपी, ग्वालो के साथ रासलीला कर सभी को आनंदित किया। साथ ही कीर्तन गाकर सभी श्रोतागणों को कथा में नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया गया। संचालन महेश पाल सिंह उपकारी ने किया। व्यवस्था में सहयोग करने वाले संस्था के अनमोल दीक्षित, समिति के सदस्य अनिल राठौर ददुआ, अरविन्द भदौरिया, राजीव चतुर्वेदी, कमलेश पाठक, कौशलेन्द्र सिंह, देवेन्द्र सिंह ललो, जवाहर मिश्रा, आलोक दीक्षित, भप्पू सोनी, अमरीश अग्निहोत्री, रामवीर सिंह चौहान आदि लोग मौजूद रहे।
वामन भगवान ने छलकर राजा बलि से मांगी तीन पग भूमि
