सीडीओ ने आरोपी युवक को किया पुलिस के हवाले
बोले आरोपी के खिलाफ दर्ज करायी जायेगी एफआईआर
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह ने कुछ युवाओं को सीडीओ के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त नियुक्ति पत्र जारी कर दिये। जब उपरोक्त नियुक्ति पत्र लेकर युवा सीडीओ के पास पहुंचे, तो वह फर्जीवाड़ा देखकर हैरान रह गये। उन्होंने युवकों से आरोपी युवक को बुलाने को कहा। जिसके बाद गिरोह के एजेंट मोहम्मद इसरार निवासी हंसापुर गौराई शमशाबाद को युवाओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर दबोच लिया और उसे सीडीओ के पास पहुंचे। सीडीओ ने कोतवाली पुलिस को सूचना देकर पहले ही बुला लिया था। आरोपी युवक मोहम्मद इसरार के पहुंचने पर सीडीओ ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। फर्जी नियुक्ति पत्र पाने वाले युवक युवतियों में हर्षित वर्मा, राजकुमार, संजय यादव, राम अवतार, विनीता देवी, मुस्कान कनौजिया, तान्या कनौजिया, मुस्कान कनौजिया, अशोक कुमार, ओमवीर के नाम शामिल हैं। सभी के फर्जी नियुक्ति पत्र जिलाधिकारी, डीपीआरओ और समाज कल्याण अधिकारी के चालक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के पद पर तीन लड़कियों के हैं। पीडि़तों ने बताया कि उन्होंने अपने सभी जेवर गिरवीं रखकर व कर्जा लेकर आरोपी को रुपये दिये थे। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपित मोहम्मद इसरार ने बताया कि लखनऊ के हयात होटल में रहने वाले अनुज यादव ने उसे नियुक्त पत्र दिए थे और उसी ने पैसा भी लिया था। अनुज यादव ने खुद को विधानसभा में कार्यरत होना बताया था। इस मामले में सीडीओ ने बताया कि इस प्रकार के ठगों से सभी को सावधान रहना चाहिए। इसके लिए वाकायदा विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है और आवेदन मांगे जाते हैं। परीक्षा या साक्षात्कार के बाद ही नियुक्ति होती है। डीएम व सीडीओ के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में अलग से भी एफआईआर दर्ज करायी जायेगी। युवाओं ने कोतवाली फतेहगढ़ को तहरीर दी है। वहीं युवाओं ने बताया कि आंगनवाड़ी के लिए महिलाओं से 10-10 हजार व डीएम व समाज कल्याण अधिकारी के चालक व जिलाधिकारी के चालक पद के लिए लोगों से 70 हजार, 65 हजार तथा 38500, 15000 रुपये वसूले गये।
युवक युवतियों से रुपये लेकर जारी कर दिये फर्जी नियुक्ति पत्र
