बिहार में सीबीआई की टीम ने गुरुवार को नीट पेपर लीक के मामले में ‘सेफ हाउस’ में कमरा बुक करने वाले मनीष प्रकाष और आशुतोश को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने आरोपी मनीष प्रकाश को पूछताछ के लिए बुलाया था और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई की दो टीम नालंदा और समस्तीपुर में है. वहीं एक टीम हजारीबाग पहुंची हुई है.
बिहार: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पहली गिरफ्तारी की है। सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए पटना से नीट पेपर लीक मामले के आरोपी मनीष प्रकाश और आशुतोष को गिरफ्तार किया है। फिलहाल सीबीआई उन दोनों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई की टीम बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के कार्यालय पहुंचकर सारे सबूतों को अपने हाथ में ले लिए। पुलिस और अपराध शाखा दोनों के जाँच अधिकारियों ने 5 मई से 10 मई तक देखा था, उनसे सभी से सीबीआई के जांच अधिकारी ने बातचीत किया। गुरूवार को सीबीआई ने कार्रवाई को तेज करते हुए पटना से दो आरोपियों को दबोच लिया है। फिलहाल सीबीआई उन दोनों से पूछताछ कर रही है।
सीबीआई ने ई-रिक्शा ड्राइवर को हिरासत में लिया, 2 घंटे में बैंक पहुंचाया था पेपर
नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग से एक ई-रिक्शा चालक को हिरासत में लिया है. उससे सीबीआई गेस्ट हाउस में पूछताछ चल रही है. ई रिक्शा चालक हजारीबाग के नूतन नगर का रहने वाला है. उसके रिक्शा के जरिए ही नीट के पेपर एसबीआई बैंक पहुंचे थे. आरोप है कि कूरियर कंपनी से SBI की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर है, जिसे 2 घंटे में तय किया गया था. वहीं पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है. इससे जुड़े सभी मामलों की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपना का निर्णय लिया है. महाराष्ट्र के लातूर में भी नीट पेपर लीक का मामला सामने आया था. इस केस में लातुर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान जलील पठान और इराप्पा के रूप में हुई है जबकि एफआईआर में नामजद दो आरोपी फरार हैं. अभी तक लातूर पुलिस ने 6 अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं. एक टीम उत्तराखंड भी भेजी है. लातूर नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार जिला परिषद स्कूल के हेड मास्टर जलील पठान को निलंबित भी कर दिया गया है. पुलिस की जांच में आरोपियों के पास से नीट के अभ्यर्थियों के अलावा ग्रेड सी और ग्रेड बी की परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के भी हॉल टिकट मिले हैं. पुलिस को आशंका है कि आरोपी नीट की परीक्षा के अलावा राज्य सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में भी धांधली करते थे.
