अस्पताल पर लटकता रहता ताला, पशुओं को नहीं मिल रहा इलाज
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। गंगापार में ज्यादातर लोग कृषि एवं पशुपालन पर आधारित होकर जीवनयापन कर रहे हैं। अगर कृषि में नुकसान हो और पशु भी बीमार होने लगें तो इस क्षेत्र के निवासियों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी को थामकर चलना कठिन हो जाता है। इसीलिए इस क्षेत्र में सरकार द्वारा पशु चिकित्सालय स्थापित किए गए। जिससे पशुओं का समुचित इलाज हो सके और पशुपालकों को नुकसान से बचाया जा सके। अमृतपुर थाना क्षेत्र में ग्राम अमैयापुर के अंतर्गत आने वाला पशु चिकित्सालय इस समय खुद बीमार हो चुका है और अपनी ही बदहाली पर आसूं बहा रहा हैं। जहां बरसों से तैनात डॉक्टर दोहरे कभी आए तो कभी नहीं आए और कभी आकर भी वापस चले गए और पशुओं को नहीं देखा। यह लोगों की शिकायत बनी रही। इस चिकित्सालय से लाभ उठाने वाले पशुपालक जिसमें पुष्पेंद्र, शिवदत्त, रामनिवास, नेम सिंह, मदनपाल, रमेश, जागेश्वर, अनुज, पातीराम आदि लोगों ने बताया कि जब वह अपने बीमार पशुओं को लेकर अस्पताल तक जाते हैं तो अस्पताल में ताला लटका हुआ मिलता है। बीमार पशुओं का समुचित इलाज नहीं हो पाता और उन्हें घुमंतू पशु चिकित्सकों को दिखाना पड़ता है। जिससे बीमार पशु समय से पहले ही मौत के मुंह में समा जाते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हो जाता है। अस्पताल न खुलने और डॉक्टर की गैर मौजूदगी में पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाता। पशुपालकों ने बताया कि इस समय क्षेत्र में थना रोग फैला हुआ है। जिससे पशु बीमार हो रहे हैं और दूध देने की मात्रा भी काम हो रही है। इसी चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर दोहरे से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह विधायक कालूराम दोहरे के दामाद है और इस बात का ध्यान मीडिया को रखना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले उनका तबादला हो चुका है। अब वह अपनी सेवाएं जिला कन्नौज के अंतर्गत देंगे, लेकिन इससे पहले पशुपालकों की शिकायत बनी रही की डॉक्टर दोहरे कभी भी चिकित्सालय में समय से न आए और न ही बैठे। जिससे उन्हें चिकित्सालय की तरफ से कोई लाभ नहीं हो पाया।
अपनी ही बदहाली पर आसूं बहा रहा पशु चिकित्सालय
