हापुड़: आधी रात हापुड़ के एसपी और एडिशनल एसपी को हटाने के पीछे के कारणों की जबरदस्त चर्चा है। ऐसा क्या हो गया की इतनी बड़ी कार्रवाई हुई और रातों रात नया कप्तान और एडिशनल एसपी रात में ही ज्वाइन करवाया गया? अभिषेक वर्मा आईपीएस इस सरकार के सबसे खास और चहेते अफसर रहे हैं। तब ऐसा क्या हुआ ?
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हापुड़ रामा हॉस्पिटल प्रकरण
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112 की काल के बाद हापुड़ पुलिस रमा अस्पताल गई थी।
अस्पताल के गार्डों ने दरोगा को ही धक्के देकर बाहर कर दिया था, अस्पताल पर पुलिस के साथ हुई, अभद्रता के चलते पुलिस फोर्स के साथ एसपी हापुड़ अभिषेक वर्मा, एडिशन एसपी वहां गए थे। मामला शांत भी हो गया था बाद में अस्पताल के मालिक ने “ऊपर” शिकायत कर दी। अपने अधीनस्थों पुलिस के मान सम्मान को बचाने के चलते SP हापुड़ पर गाज गिर गई। बड़े बड़े मामलों में खामोश रहने वाले डीजीपी अचानक हाइपर एक्टिव हो गए।
लखनऊ से फोन आने के बाद एडीजी जोन मेरठ IG रेंज मेरठ भी हापुड़ पहुंच गए और रामा हॉस्पिटल के मालिक को बहुत मान मन्नव्वल की लेकिन उनका साफ कहना है पुलिस वालों को उनकी औकात दिखा दूंगा। बताते हैं आईजी नचिकेता झा ने माफी भी मांगी लेकिन मालिक नाराज ही रहे ऊपर से आए फोन ने पुलिस विभाग में रामा हॉस्पिटल का स्ट्रॉन्ग कनेक्शन और उनकी हैसियत दिखा दी। एसपी को तत्काल जिला छोड़ने को कहा गया। एडीजी आईजी के हापुड़ पहुंचने से पहले ही ऊपर से फोन आ गया की एसपी हापुड़ और एडिशनल एसपी को हटा दिया गया है, आईजी रेंज मेरठ नचिकेता झा अभी जनपद हापुड़ में है और रामा हॉस्पिटल वालों को मना रहे हैं।
नए एसपी ने ज्वाइन कर लिया है।
पुलिस विभाग और मीडिया में चर्चा है की बड़े बड़े मामलों में कार्रवाई नहीं होती लेकिन रामा हॉस्पिटल पर हाथ डालने का खामियाजा ऐतिहासिक कार्रवाई के रूप में पुलिस को भोगना पड़ा। शेर को सवा शेर मिल गया। डीजीपी की लचर कार्यशैली और मातहतों पर प्रभावी नियंत्रण का अभाव विभाग, मीडिया और पावर कॉरिडोर में चर्चा का विषय है।
