राजेपुर, समृद्धि न्यूज। यदि पेड़ पौधे पर्याप्त है तो वे सब मिलकर जलवायु परिवर्तन को संतुलित बनाए रखते हैं। अधिकांश हमारे बुजुर्गों द्वारा लगाए गए वृक्षों का कटान अंधाधुंध हो रहा है। उसके विपरीत वृक्षों को रोपा नहीं गया। नतीजा हम सबके सामने है। इस वर्ष अधिक गर्मी, अधिक सर्दी में हजारों की संख्या में लोग मर गए। यदि पृथ्वी पर पर्याप्त मात्रा में वृक्ष है तो बे सब मिलकर जलवायु परिवर्तन को संतुलित बनाए रखते हैं। अर्थात समय पर बारिश होती और उतनी ही होती है जितनी आवश्यकता है। जिससे ना तो सूखा रहता है, ना हीं बाढ़ प्रलय के हालात बनते। सरकार की तरफ से 20 जुलाई पर्यावरण दिवस को करोड़ों रुपया कीमत के पौधे ग्रामीण अंचलों में वितरित किए जाते हैं। अफसोस है कि वृक्षारोपण होने के बाद देखभाल के अभाव में 80 प्रतिशत पौधे मर जाते हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वृक्षारोपण को केवल औपचारिकता से अलग हटकर उसे संस्कृति और संस्कार से जोडऩे का बीड़ा उठाया है। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम योजना का शुभारंभ किया। ताकि लोग वृक्षारोपण के लिए केवल फॉर्मेलिटी ना करें। बल्कि पूरी गंभीरता से पौधों की एक बच्चे की तरह उसका तब तक लालन-पालन तब तक करते रहे जब तक वह पर्यावरण को अनकूलता प्रदान करने वाला आत्मनिर्भर वृक्ष न बन जाए। हम सभी लोग कम से कम एक वृक्ष लगाने के साथ में अन्य लोगों को वृक्षारोपण के लिए जागरूक भी करें।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अवश्य करें वृक्षारोपण: प्रधानाध्यापक महेश सिंह राठौर
