फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अभियोजन द्वारा कई वर्षों से न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर न्यायाधीश ने 14 अगस्त की तिथि नियत की है। साथ ही न्यायाधीश ने आदेश की एक प्रति पुलिस महानिदेशक लखनऊ, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, संयुक्त निदेशक अभियोजन फर्रुखाबाद को सूचानार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु अविलंब प्रेषित की जाये।
राज्य बनाम उर्मिला राजपूत के मामले में अभियोजन द्वारा कई वर्षों से न्यायालय में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। अभियुक्ता न्यायालय में लगातार उपस्थित हो रही है। जिससे उसे मानसिक व शारीरिक दोनों रुप से पीड़ा हो रही है। अभियोजन द्वारा अग्रित तिथि तक साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर यह समझा जायेगा कि अभियोजन पक्ष को प्रश्नगत प्रकरण में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करना है और उसके साक्ष्य का अवसर स्वत: समाप्त समझा जायेगा। अपर सिविल जज (सी0डि0) के न्यायाधीश ने १४ अगस्त की तिथि नियत की है। न्यायाधीश ने आदेश की एक प्रति पुलिस महानिदेशक लखनऊ, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, संयुक्त निदेशक अभियोजन फर्रुखाबाद को सूचानार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु अविलंब प्रेषित की जाये। मुकदमा धारा 332, 353, 504 व 7 क्रिमिनल लॉ एमेन्डमेन्ट एक्ट का मामला वर्ष 2001 से लंबित है। प्रकरण में अभियुक्ता के विरुद्ध 20 सितम्बर 2009 को विचरित किया गया था।
कई वर्षों से अभियोजन द्वारा साक्ष्य न प्रस्तुत करने पर कोर्ट ने कार्यवाही के लिये लिखा पत्र
