हड़ताल, जुलूस और प्रदर्शन… डॉक्टर रेप-मर्डर मामले में आज बंगाल से दिल्ली तक होगा विरोध

कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सेमिनार हॉल से पिछले सप्ताह शुक्रवार की सुबह जूनियर डॉक्टर का शव बरामद किया गया था. सात दिनों के भीतर घटना ने नया मोड़ ले लिया है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को हटाया जा चुका है. न्याय की मांग पर महिलाएं सड़क पर उतरीं. कलकत्ता हाई कोर्ट ने रेप कांड की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. इस बीच बुधवार रात जिस तरह से आरजी कर मेडिकल कॉलेज पर हमला किया गया, उसकी हर तरफ निंदा हो रही है. आंदोलन के मंच से लेकर अस्पताल के वार्ड तक तोड़ दिए गए हैं. ऐसे में शुक्रवार को कोलकाता शहर लगभग बंद रहने वाला है. कोलकाता के साथ-साथ देशभर के डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है. इससे कोलकाता सहित देशभर में अस्पतालों में कामकाज ठप रहने की आशंका है. आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की हत्या और रेप के खिलाफ डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कोलकाता के साथ-साथ देश के अन्य शहरों में भी आधी रात को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया गया था. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी इस मामले को लेकर 17 अगस्त से देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है. इस दौरान ओपीडी और इलेक्टिव सर्जरी की सेवाएं ठप रहेंगी.

इससे पहले आईएमए ने कोलकाता के सरकारी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को हुई तोड़फोड़ की घटना की निंदा की थी। यहं चिकित्सक एक महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के कथित दुष्कर्म और हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद आईएमए ने आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेने के लिए अपनी राज्य शाखाओं के साथ एक आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में ही 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल करने का फैसला किया गया। दरअसल, अज्ञात बदमाशों ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में गुरुवार को आधी रात के बाद घुसकर उसके कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इसी अस्पताल में पिछले सप्ताह महिला चिकित्सक का शव मिला था। आईएमए ने कहा था कि अधिकारी ऐसे समय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में एक बार फिर विफल रहे, जब प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के कथित बलात्कार और हत्या के मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कर रहा है।

आईएमए ने जारी किया था बयान
आईएमए ने एक बयान में कहा था कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज जो परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या की घटना के कारण पिछले सप्ताह से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहां गुंडों ने तोड़फोड़ की। जिन अधिकारियों ने अपनी लापरवाही से इस तरह के जघन्य अपराध को होने दिया, वे ऐसे समय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में एक बार फिर विफल रहे हैं, जब इस मामले में सीबीआई की अहम जांच जारी है। इस तरह की बर्बरता अराजकता और कानून- व्यवस्था के ढहने की ओर इशारा करती है। आईएमए इस मूर्खतापूर्ण हिंसा की निंदा करता है और उसे महत्वपूर्ण सबूतों के नष्ट होने की आशंका है।

40 लोगों का समूह जबरन अस्पताल में घुसा था
पुलिस के मुताबिक, लगभग 40 लोगों का समूह कथित तौर पर अस्पताल परिसर में घुसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *