नई सरकार ने दुर्गा पूजा (Surga Pooja) को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, इसके मुताबिक अब बांग्लादेश में अजान (Azan) और नमाज (Namaz) के वक्त पूजा और धार्मिक संगीत (Hindu Religious Songs) बजाने की इजाजत नहीं होगी. इसके साथ ही इस आदेश में यह भी कहा गया है कि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से हिंदुओं की हालत खराब हो गई है. पहले उन पर हमले हुए और अब उन्हें धार्मिक स्तर पर भी टारगेट किया जा रहा. मोहम्मद युनूस की सरकार हिंदुओं के खिलाफ लगातार कदम उठा रही है. अब एक और नया फरमान जारी कर दिया गया है. बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार ने कहा कि स्थानीय पूजा समितियों को अजान और नमाज के दौरान लाउडस्पीकरों बजाने से बचने के लिए कहा गया है.मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार ने हिंदू समुदाय से नमाज और अज़ान के दौरान दुर्गा पूजा समारोह में लाउडस्पीकर बजाने से बचने के लिए कहा है. बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एमडी जहांगीर आलम चौधरी ने मंगलवार को कहा कि पूजा समितियों को अजान और नमाज के दौरान लाउडस्पीकरों को बंद करने और संगीत वाद्ययंत्र बजाने से बचने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि आयोजकों ने अनुरोध पर सहमति व्यक्त की है.गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि दूर्गा पूजा समितियों से नमाज और अजान के वक्त म्यूजिक और साउंड सिस्टम बंद रखने को कहा गया है. उनका दावा है कि दूर्गा पूजा समिति के लोग इसके लिए तैयार हो गए हैं. इसका मतलब है कि अजान और नमाज के दौरान न तो भजन बज सकता है और न लाउडस्पीकर पर पूजा-पाठ का मंत्रोच्चारण हो सकता है. दुर्गा पूजा से पहले बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक बैठक हुई थी. इस बैठक में दूर्गा पूजा समिति के लोग भी शामिल थे. इसके बाद ही इसका ऐलान किया गया. भारत की तरह बांग्लादेश में भी हिंदू समुदाय के लोग बड़े धूमधाम से दूर्गा पूजा मनाते रहे हैं. बंगाल से जुड़े होने की वजह से बांग्लादेशी हिंदुओं का भी यह बड़ा त्योहार है. नई सरकार का फरमान मानना अब वहां के हिंदुओं की मजबूरी है. वहीं, टीओआई ने मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी के हवाले से लिखा कि दूर्गा पूजा में नमाज के दौरान ऐसी गतिविधियों पर रोक लगी रहेगी और अजान से पांच मिनट पहले से ही ये गतिविधियां रोक दी जाएंगी. हालांकि, यूनुस सरकार के अधिकारियों का कहना है कि बांग्लादेश की सरकार पूजा पंडालों की चौबीसों घंटे सुरक्षा करेगी. बिना किसी बाधा के पूजा उत्सव को सुविधाजनक बनाने और उपद्रवियों की बुरी गतिविधियों को रोकने के उपाय किए जाएंगे. बांग्लादेश में जब से शेख हसीना की कुर्सी गई है, तब से हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं. हिंदुओं को मारा-पीटा जा रहा है. मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है. ढूंढ-ढूंढ कर बांग्लादेश में हिंदू टीचरों का जबरन इस्तीफा लिया जा रहा है. बता दें कि इससे पहले भी बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ वाले कदम उठाए थे. जब बांग्लादेश में बाढ़ से हाहाकार मचा तो उसने भारत को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था. हालांकि, बाद में भारत ने आरोपों को खारिज किया.
32 हजार से ज्यादा पूजा पंडाल स्थापित
चौधरी ने कहा कि इस साल पूरे बांग्लादेश में कुल 32 हजार 666 पूजा पंडाल स्थापित किए जाएंगे, जो पिछले साल की संख्या 33 हजार 431 से कम है. सरकार का यह निर्देश बांग्लादेश के स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों के लिए शिक्षा और नौकरियों में कोटा के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के निष्कासन के बाद देश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों के बाद आया है.
