कंपिल, समृद्धि न्यूज। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गाँवों को अपनी आगोश में ले लिया है। कई गांव के सम्पर्क मार्ग कटने से लोगों को आवागमन में समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं। एसडीएम ने तहसीलदार के साथ गांव का निरीक्षण कर दिशा निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव जाकर दवाईयां वितरित की।
गंगा के उफनाते ही तटवर्ती गांवों पथरामई, मधवापुर, चौड़ेरा, मंतपुरा, गढ़ी, पुन्थर देहामाफी, हमीरपुर, टपुआ, हुमायूँ नगला आदि गांव में पानी भर गया है। कई गांव का सम्पर्क मार्ग कटने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना उठाना रड़ रहा है। शनिवार सुबह एसडीएम रविंद्र कुमार व नायब तहसीलदार मनीष वर्मा ने राजस्व टीम के साथ गांव बिहारीपुर पहुंचकर ग्रामीणों से समस्याओं के बारे में जानकारी ली। राजस्व टीम के साथ एसडीएम रविंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मनीष वर्मा की कार गांव शाहपुर की पुलिया टूटी होने से आगे नहीं बढ़ पायी। एसडीएम ने ट्रैक्टर से बिहारीपुर पहुंच कर मधवापुर के ग्रामीणों को बुलाकर उनकी समस्याएं पूछीं। एसडीएम ने शमसाबाद के चितार गांव से नाव मंगवाकर बिहारीपुर से मधवापुर गांव के बीच ग्रामीणों के आवागमन के लिए लगवा दी। नाव लेकर आ रही गाड़ी गांव शाहपुर के पास दलदल मे फंस गयी। कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर से खींचकर गाड़ी को बाहर निकाला जा सका। नायब तहसीलदार ने बताया की इस दौरान पुंथर देहामाफी मे बने बांध का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।एसडीएम के निर्देश पर डॉ सुनील सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने नाव मे गाँव मधवापुर पहुंचकर ग्रामीणों की जांच कर दवा वितरित की। इस दौरान 95 लोगों को दवाईयां व 25 लोगों की मलेरिया जाँच की गयी।
गंगा का जलस्तर बढऩे से कई तटवर्ती गांव आगोश में
