
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सूफी संत महात्मा रामचंद्र जी महाराज का तीन दिवसीय सालाना जलसा उनकी समाधि पर ध्यान योग व अभ्यास की त्रिवेणी के बीच शुरु हुआ। देश भर से आये भक्तों ने महात्मा रामचंद्र की समाधि पर सजदा किया तथा उनकी याद में ध्यान लगाया। समारोह में दिल्ली गांधी नगर के विधायक अनिल बाजपेयी, पूर्व जिला जज अलका श्रीवास्तव भी शामिल हुईं।
जलसे के पहले दिन फतेहगढ़ स्थित महात्मा जी की समाधि पर अनुयाइयों की भीड़ उमड़ पड़ी। अनुयाइयों ने सजदा करने के बाद आंतरिक अभ्यास तथा योग साधना में प्रतिभाग किया और खुद को महात्मा की रुहानी ताकत से जोडऩे की कोशिश की। समाधि परिसर में हर कोई महात्मा रामचंद्र की स्मृति में खोया नजर आया। दिल्ली से आये सूफी संत प्रभात मोहन ने महात्मा रामचंद्र के करिश्माई किस्से सुनाये। उन्होंने कहा कि महात्मा रामचंद्र की साधना पद्धति में धर्म का बंधन नहीं है। जलसे में आने वालों में महात्मा रामचंद्र की पौत्र वधू माधुरी सक्सेना ने आशीर्वाद दिया व सर्व धर्म सम्भाव का पाठ पढ़ाया। इस मौके पर महात्मा जी से संबंधित पुस्तकों तथा पूजा सामग्री का पांडाल लगाया गया। अनुयाइयों ने महात्मा रामचंद्र के पैतृक निवास लालाजी निलयम पर भी पहुंचकर आंतरिक अभ्यास किया। महात्मा जी के प्रपौत्र प्रदीप विसारिया, विनय सक्सेना सहित ग्रीशचंद्र, केशवभान साध, राजीव भगौलीवाल, महात्मा ओम बिहारी सहित बड़ी तादत में अनुयाइयों ने पूजा की।
