कूटरचित प्रपत्र तैयार कर अन्य प्रदेशों में ठगी करने वाले गैंग का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार

एसटीएफ टीम को मिली बड़ी कामयाबी। अमिताभ श्रीवास्तव

समृद्धि न्यूज़ लखनऊ। शुक्रवार को एसटीएफ को बडे पैमाने पर अन्तर्राज्यीय स्तर पर कूटरचित प्रपत्र तैयार कर फाइनेंस वाले चार पहिया/दो पहिया वाहनों को बेचकर ठगी करने वाले गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हांथ लगी है।गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किए गए इस ठग के कब्जे से भारी मात्रा कूटरचित दस्तावेज बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम वीरेन्द्र कुमार है जो राजगढ़ कालोनी गांधीनगर शाहदरा दिल्ली का रहने वाला है।सर्विस रोड थाना क्षेत्र बिसरख कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किए गए इस अभियुक्त के पास से कूटरचित आधार कार्ड,पेन कार्ड,किया कार्निवाल कार,टोयटा ग्लांजा कार,बैक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक, एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड, अस्थाई रजिस्ट्रेशन छायाप्रति, इनवाइस छायाप्रति,रजिस्ट्रेशन कार्ड,निर्वाचन कार्ड,बैंक ऑफ महाराष्ट्र का क्रेडिट कार्ड,बीमा की छायाप्रति,फास्टैंग की छायाप्रति,ऐसेसरीज की छायाप्रति,मोबाइल फोन तथा
16 हजार 200 रूपये नकद बरामद किया गया है।बताया गया कि एसटीएफ को काफी दिनों से एनसीआर क्षेत्र में कूटरचित तरीके से फाईनेंस/लोन वाली गाड़ियों के फर्जी एनओसी बनवाकर एच.पी. (हाईपर परचेज) कटवाकर अन्य प्रदेशों में गाड़ी बेचकर ठगी करने वाले गैंग की सूचना मिल रही थी।इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।उक्त निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड इकाई आगरा राकेश के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।शनिवार को एसटीएफ आगरा की टीम कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में आपराधिक अभिसूचना संकलन के उद्देश्य से भ्रमणशील थी।इसी दौरान टीम को पता चला कि कूटरचित तरीके से एनओसी तैयार कराकर एच.पी. कटवाकर ठगी करने वाले उक्त गैंग के सक्रिय सदस्य गौर सिटी सेन्टर के सामने सर्विस रोड पर दो चार पहिया गाडियों में बैठे है,जो किसी का इन्तजार कर कर रहे है।इस सूचना पर निरीक्षक हुकुम सिंह,मुख्य आरक्षी दिनेश गौतम,अरविन्द्र सिंह,प्रशान्त कुमार व विवेक कुमार सिंह एसटीएफ फील्ड इकाई आगरा की टीम द्वारा आवश्यक घेराबन्दी कर उपरोक्त गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया,जिसके पास से उपरोक्त बरामदगी हुई है।गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि हम लोग जिन गाड़ियों पर बैंक द्वारा लोन चल रहा होता है जिसकी किस्त जमा नही होती है,उन गाड़ियों को कम पैसे में लेकर दलाल के माध्यम से फर्जी एनओसी बनवाकर आरटीओ कार्यालय में जमाकर एच.पी.कटवा देते है,जिससे उक्त गाड़ी दूसरे प्रदेश में ट्रान्सफर हो जाती है।वहां उक्त गाड़ी का नया नम्बर मिल जाता है।बैंक वाले लोन वाली गाड़ी को नही खोज पाते है।हम लोग कुछ गाड़ी फर्जी नाम पता से आई.डी. बनवाकर ऐजेन्सी से नई गाड़ी भी खरीदकर उनकी एच.पी. कटवाकर दूसरे प्रदेशों में भेज देते है नाम पता गलत होने के कारण बैंक वाले खोज नही पाते है।बरामद की गई किया कार्निवाल कार प्रेमानन्द जैन के नाम है।प्रेमानन्द के नाम से अपना फोटो लगाकर आधार कार्ड पैन कार्ड तैयार कराकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र सेक्टर 122 गौतमबुद्धनगर में अपना एकाउण्ट खुलवा लिये थे।उक्त गाड़ी की एच.पी.भी कटवा लिए थे। 17 लाख का लोन उपरोक्त बैंक एकाउण्ट में आना था।लोन का पैसा आने के बाद इस गाड़ी को यह लोग किसी दूसरे राज्य में बेच देते।गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना बिसरख कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में मु0अ0सं0 739/2024 धारा 318 (4)/338/336(3)/340(2)61 (2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत कराया गया है, अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जायेगी।

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