फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एचजेएस) द्वितीय डा0 अनिल कुमार सिंह ने अभियुक्त राम मिस्टर, विजेंद्र सिंह, गिरीश उर्फ बाबा, अजीत कुमार दुबे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
शिकायतकर्ता रूपकुमार कपूर ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि 18 दिसम्बर 2003 को उसके भाई बब्बू कपूर का पुत्र शुभम जो मॉडर्न स्कूल फर्रुखाबाद में पढऩे गया था। वह स्कूल से पढक़र शाम तक घर नहीं लौटा। भाई बब्बू कपूर ने 19 दिसम्बर 2003 को कोतवाली फर्रुखाबाद में अपने पुत्र की गुमशुदगी की सूचना दी। शुभम उर्फ भोलू की तलाश की गई, परंतु पता नहीं चल सका। २१ मार्च को मेवाराम की पत्नी ने परिजनों को बताया कि बब्बू कपूर का शव गांव कछुआगाड़ा के पास गंगा नदी के किनारे पड़ा है। पीडि़त ने 2.5 लाख रुपया हड़पने के उद्देश्य से हत्या करने का उक्त अभियुक्तों पर आरोप लगाया था। पुलिस ने धारा 302,149, 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश (एचजेएस) द्वितीय डा0 अनिल कुमार सिंह ने अभियुक्त राम मिस्टर, विजेंद्र सिंह, गिरीश उर्फ बाबा, अजीत कुमार दुबे धारा 302 के आरोप में आजीवन कारावास व १-१ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर 1-1वर्ष का कारावास भुगतना होगा। धारा 201 के आरोप में 7 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा १२०बी में 7 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुमार्ने की 80 प्रतिशत राशि मृतक के परिजनों को दी जायेगी।
हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास
