परिवहन विभाग की जन कल्याणकारी योजना,अब पेनल्टी में मिलेगी छूट
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या। परिवहन विभाग की ओर से अब ऐसे वाहन स्वामियों को सुनहरा मौका दिया गया है जिनके लंबे समय से कर बकाया है।विभाग द्वारा ऐसे वाहन स्वामियों का बकाया कर जमा कराने के लिए एक मुफ्त समाधान योजना की शुरुआत की गई है।इस योजना के तहत अब ऐसे वाहन स्वामियों को बकाया कर जमा करने पर पेनल्टी में छूट मिलेगी।गुरुवार को इसकी पुष्टि आरटीओ आरटीओ प्रशासन अयोध्या संभाग ऋतु सिंह ने की। ऋतु सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम,1997 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 21 सन् 1997) की धारा तीन के अधीन,उत्तर प्रदेश शासन परिवहन अनुभाग-चार की अधिसूचना संख्या 19/2024/1225/तीस-4-2024-30-4099 (099)/151/2021 दिनांक 06 नवम्बर 2024 के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से पूर्व तक रजिस्ट्रीकृत परिवहन यानों पर संदेय कर में विलम्ब होने पर देय शास्ति के संदाय से इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से तीन माह की अवधि के लिए निम्नलिखित निबंधन और शर्तों पर छूट प्रदान की जाएगी।इसमें
परिवहन यानों के ऐसे सभी स्वामी अथवा उनके विधिक वारिस,जिनके मामले विभिन्न न्यायालयों के समक्ष लम्बित हों।परन्तु इस सुविधा के लाभ हेतु ऐसे यान पात्र नहीं होंगे जो अधिसूचना निर्गत होने के दिनांक या उसके पश्चात रजिस्ट्रीकृत समस्त प्रकार के परिवहन यान है।ऐसे सभी प्रकार के अरजिस्ट्रीकृत परिवहन यान जिन पर अधिसूचना के दिनांक के पूर्व तक बकाया कर संदेय हो एवं लम्बित बकाया जमा न हो। परिवहन यानों के ऐसे सभी स्वामी अथवा उनके विधिक वारिस,जिनके कर/शास्ति के विरुद्ध अपील/पुनरीक्षण,उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) अथवा उप परिवहन आयुक्त (यात्रीकर) के समक्ष लम्बित हों। उन्हें वाद प्रत्याहृत करने के लिए,यथास्थिति सम्बन्धित न्यायालयों/उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र)/उप परिवहन आयुक्त (यात्रीकर) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा।ऐसे परिवहन यानों के स्वामी या वित्त पोषक, जिन पर मोटरयान अधिनियम, 1988 (अधिनियम संख्या 59 सन 1988) की धारा 51 के अधीन कब्जा कर लिया गया हो। परिवहन यानों के सभी स्वामी अथवा उनके विधिक वारिस जिनके विरूद्ध इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक तक कर एवं शास्ति हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी किया गया हो,भी इस अधिसूचना के अधीन पात्र होंगे।
यान स्वामी अथवा उसके विधिक वारिस को विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/कराधान अधिकारी को तिपहिया एवं हल्के मोटरयानों (7500 किलो ग्राम सकल यान भार तक) के मामले में आवेदन शुल्क के रूप मे दो सौ रूपये की धनराशि एवं अवशेष यानों हेतु आवेदन शुल्क के रूप में पांच सौ रुपये की धनराशि सहित आवेदन प्रस्तुत करना होगा।आवेदन इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से अधिसूचना के प्रभावी होने के दिनांक तक किया जाएगा।कोई आवेदन उपरोक्त शर्त संख्या-7 में यथाविनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात स्वीकार नहीं किया जाएगा।यह अधिसूचना परिवहन विभाग की वेबसाइट http://uptransport.upsdc.gov.in/en-us/ पर तथा साथ ही साथ प्रमुख समाचार-पत्रों में प्रकाशित की जाएगी।इस छूट से सम्बन्धित कोई सूचना यान स्वामियों को पृथकतः नहीं दी जाएगी।इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से पूर्व किसी परिवहन यान के विरुद्ध जमा कर एवं शास्तियाँ प्रतिदेय नहीं दी जाएगी।स्वामी,यानों पर बकाया देय करों की कुल धनराशि एकमुश्त जमा करेगा।कोई यान, जो अस्तित्व में न हो,का कर, यान के अस्तित्व में होने तक जमा किया जाएगा और यदि यह साबित हो जाता है कि उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान नियमावली,1988 के नियम 22-क में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार यान अस्तित्व में नहीं है तो कर का अपलिखित (बट्टे खाते में डालना) एवं यान रजिस्ट्रीकरण का रद्दकरण पूर्वोक्त नियमावली के अनुसार किया जाएगा।आवेदक/लाभार्थी को संबंधित जिला के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/कराधान अधिकारी को परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
संबंधित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/ कराधान अधिकारी शासकीय अभिलेख के आधार पर आवेदन का परीक्षण करने के पश्चात इस अधिसूचना के अधीन अनुवर्ती कार्यवाही सुनिश्चित करेंगें।
आरटीओ प्रशासन सुश्री सिंह द्वारा यह अपील की गयी है कि अर्ह वाहन स्वामी शीघ्रातिशीघ्र ही इस योजना के अन्तर्गत आवेदन करके पेनल्टी पर सौ प्रतिशत की छूट का लाभ उठायें क्योंकि योजना अधिसूचना में प्रकाशित होने की दिनांक से तीन माह के लिए ही लागू है।अधिक जानकारी के लिए परिवहन विभाग की अधिकारिक वेबसाइट http://uptransport.upsdc.gov.in/en-us/ पर जाकर देख सकते हैं।एआरटीओ प्रशासन अयोध्या/ अम्बेडकरनगर/सुल्तानपुर/अमेठी/बाराबंकी को निर्देश भी दिये गये हैं कि योजना का अधिकाधिक प्रचार प्रसार करें व अधिकाधि वाहन स्वामियो से अधिकाधिक बकाया कर जमा कराने का प्रयास करें।
