चकबन्दी में खेत बदल जाने से खेत में खड़े पेड़ के विवाद में हुई थी घटना
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिला जज एंव सत्र न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय ने गैर इरादतन हत्या के मामले में सुरेश, महेश पुत्रगण बाबूराम, प्रवेश पुत्र महेश निवासीगण ग्राम पैथान कायमगंज को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर पांच पांच वर्ष का कारावास व 12-12 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
बीते 21 वर्षों पूर्व कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के पैथान निवासी पतीराम पुत्र चेतराम ने पुलिस को दी गयी तहरीर में कहा था कि मेरे गॉव में चकबन्दी होने के बाद महेश शाक्य का खेत मुझे मिल गया था। जिसमें एक पेड़े नीम, एक लभेड़ा, दो आम के खड़े थे। इन पेड़ों को महेश के परिवारीजन अपना बताते थे जबकि खेत मेरा होने के कारण उपरोक्त पेड़ मेरे हो गये थे। इसी बात को लेकर दिनांक 16 मार्च 2003 को जब मेरा लडक़ा ब्रह्मानंद खेत पर गया, तो वहाँ पर सुरेश के साथ कुछ कहासुनी हो गयी थी। इसी बात को लेकर भाई महेश के घर शिकायत करने गए। जैसे ही यह लोग महेश के घर के पास पहुंचे, तो महेश, सुरेश लाठियां लिए हुए थे। प्रवेश हाथ में तमंचा लिये था। इन लोगों ने मेरे भाई नारायणदास के ऊपर लाठियों से हमला किया और जान से मारने की नियत से तमंचा से गोली मार दी, जो कि उसके पेट में लगी। हम लोगों ने ललकारा, तो यह लोग भाग गए। पुलिस ने तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर न्यायलाय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व जिला शासकीय अधिवक्ता स्वदेश प्रताप सिंह की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय ने सुरेश, महेश, प्रवेश को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर पांच-पांच वर्ष का कारावास व 12-12 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
गैर इरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को सजा
