एसपी के आदेश का भी नहीं हुआ कोई असर
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पीडि़त न्याय पाने के लिए कोतवाली के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। यही नहीं पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगायी। आश्वास तो मिला, लेकिन कोतवाल एसपी के आदेश पर भारी पड़ रहे है। उनकी जिद है कि तहरीर मेरे हिसाब नहीं लिखोगे तब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जायेगा।
विगत दिनों 1 दिसंबर को सूरज कुशवाहा पुत्र जय सिंह निवासी मोहल्ला हाथीखाना की विवाहिता पत्नि को पड़ोस में ही किराए पर रह रहे अभिषेक पुत्र राधेश्याम सुबह करीब 5 बजे उसकी पत्नी रोहिणी देवी को भगा ले गया और युवक अपने साथ घर में रखी एक लाख की नगदी व सोने चांदी के जेवरात भी चोरी कर ले गया। पीडि़त व उसके परिजनों ने रोहिणी की काफी खोजबीन की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला तो पीडि़त ने फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचकर घटी घटना के संदर्भ में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाये जाने की गुहार लगायी। तहरीर देखते ही फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी का पारा चढ़ गया और उस पर दबाव बनाया और कहा कि प्रार्थना पत्र बदलकर लाओ। हम बताये उस हिसाब से प्रार्थना पत्र लिखो। पीडि़त द्वारा दी गई तहरीर पर उन्होंने कोई अमल नहीं किया। पीडि़त कई बार वह कोतवाली गया। पीडि़त का कहना है कि कोतवाल साहब बार-बार तहरीर बदलने का कह रहे है। तब उसने पुलिस अधीक्षक के दरबार में अपनी अर्जी लगायी और फतेगहढ़ कोतवाली प्रभारी द्वारा तहरीर बदलने का दबाव की बात बतायी। जिस पर एसपी ने पीडि़त को आश्वासन दिया कि तुमने जो तहरीर दी है उसी पर मुकदमा दर्ज होगा और उसे कोतवाली जाने को कहा। जब वह कोतवाली पहुंचा तो कोतवाल का पारा सातवें आसमान पर था। पीडि़त का कहना है कि वह बोले कि तूं चाहें कुछ भी कर लें, मैं इस तहरीर पर मुकदमा नहीं लिखूंगा। जबकि उसने बताया कि मंै कप्तान साहब के पास गया था, उसके बावजूद अभी तक उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीडि़त न्याय पाने के लिए कई दिनों से कोतवाली के चक्कर लगा रहा है।
पीडि़त पर कोतवाल बना रहे तहरीर बदलने का दबाव
