*महीनों पहले से सीसी सड़कें खोदकर दिया जा रहा दुर्घटनाओं को निमंत्रण
- सहालग के मौसम में भाषण गर्मी के बीच पेयजल की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण
- 2 साल से अधिक समय से निर्माणाधीन टंकी कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग के आरोप
- केंद्र की बहु प्रतीक्षित नमामि गंगे योजना लेटलतीफी और लापरवाही के चलते बटोर रही ज़िले में सुर्खियां
(हेमन्त गोस्वामी)

लखनऊ समृद्धि न्यूज। केन्द्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे परियोजना में विभागीय ठेकेदारों के द्वारा गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही है। सरकार की मंशा है कि इस परियोजना के तहत जल्दी से जल्दी लोगों तक स्वच्छ पीने का पानी घर घर तक पहुंचे लेकिन विभागीय उदासीनता इस परियोजना में स्पष्ट रुप से प्रदर्शित हो रही है। तो वहीं ज़िम्मेदार पूरी तरह से कुंभकर्णी निद्रा में लीन दिखाई पड़ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के जनपद महोबा के विकासखंड जैतपुर के महुआ बांध गांव में नमामि गंगे परियोजना के तहत विभागीय ठेकेदार द्वारा जगह जगह सीसीरोड कई महीनों पहले से तोड़कर गांव में दुर्घटनाओं को न्योता दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है गांव की सभी जगह सड़के जो बड़ी मुश्किल से बनीं थीं ठेकेदारों के द्वारा तोड दी गई हैं और तोड़ने के क ई महीने गुजरने के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई है जिससे रात में लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं अभी शादी सहालग और विवाह का समय आ गया है जिससे समानों को ढोने में बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि पानी की टंकी के निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है जिसे लेकर विभागीय अधिकारी फिलहाल आंखें मूंदे हुए हैं जबकि ग्रामीणों की शिकायत है कि विभाग समेत ठेकेदार तक कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं है इतना ही नहीं निर्माण में प्रयुक्त होने वाली निर्माण सामग्री भी बेहद घटिया है जिसमें मिट्टी युक्त बालू एवं कम मात्रा में सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है हैरानी की बात यह है कि कार्य को शुरू हुए 2 साल से अधिक बीत चुके हैं लेकिन कार्य की पूर्णता तो दूर जितना काम हुआ है। उस पर भी ग्रामीण सवालिया निशान लगा कर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। इसको लेकर चतुर्भुज राजपूत, मुकेश कुमार संतोष श्रीवास, मजबूत राठौर, पुत्तीलाल, राम नारायण आदि ने असंतोष व्यक्त करते हुए जल्द निर्माणकार्य पूर्ण कराकर पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की मांग उठाई है।
