अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा मांग पत्र
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने मृत्यु पर शिक्षक व कर्मचारी का एनपीएस अंशदान ब्याज सहित नॉमिनी को वापस किये जाने की मांग को लेकर अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को दिये पत्र सांैपकर मांग की है। पत्र में दर्शाया कि सेवाकाल के दौरान मृत्यु पर शिक्षक व कर्मचारी का एनपीएस अंशदान प्रतिलाभ सहित नॉमिनी को वापस किया जाये। उन्होने कहा है कि 19 मई 2016 के शासनादेश द्वारा सरकार ने सेवाकाल में मृत एनपीएस शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नॉमिनी को पुरानी पेंशन की भांति पारिवारिक पेंशन की सुविधा प्रदान की, लेकिन इसके बदले में सरकार मृतक के प्रान खाते में संचित सम्पूर्ण पेंशन फंड की धनराशि राजकोष में जमा कर लेती। राज्य सरकार ने 19 मई 2016 के शासनादेश में 08 अप्रैल 2022 को संशोधन कर पुन: तय किया है कि कार्मिक के संचित एनपीएस फंड में से सरकार के 14 प्रतिशत अंशदान और उस पर बने प्रतिलाभ को ही सरकारी खजाने में अंतरित किया जायेगा। बांकी कर्मचारी के 10 प्रतिशत अंशदान से संचित एनपीएस फंड की सम्पूर्ण धनराशि प्रतिलाभ सहित कार्मिक के नॉमिनी या विधिक उत्तराधिकारी को वापस लौटा दी जायेगी तथा कार्मिक के नॉमिनी को पारिवारिक पेंशन की सुविधा पूर्व की भांति ही मिलती रहेगी। जनपद में नवीन पेंशन योजना के अन्र्तगत अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी जिनकी सेवाकाल में मृत्यु हो गयी है वे 8 अप्रैल 2022 के शासनादेश से आच्छादित भी हैं। शासनादेश निर्गत होने के लगभग तीन वर्ष बाद भी जनपद में मृतक कर्मचारियों के 10 प्रतिशत कर्मचारी अंशदान से संचित एनपीएस फंड की सम्पूर्ण धनराशि प्रतिलाभ सहित उनके नॉमिनी को अभी तक वापस नहीं की गयी है। मृतक शिक्षकों एवं कर्मचारियों का परिवार सरकार के उक्त शासनादेश के लाभ से वंछित है। जनपद के सभी एनपीएस शिक्षक एवं कर्मचारी जिनकी सेवाकाल में मृत्यु हुई है के नॉमिनी या विधिक उत्तराधिकारी को 10 प्रतिशत कर्मचारी अंशदान की धनराशि प्रतिलाभ सहित प्राप्त करायी जाय तथा नॉमिनी से 14 प्रतिशत सरकारी अंशदान सरेंडर का ही विकल्प लेकर केवल 14 प्रतिशत सरकारी अंशदान ही राजकोष में जमा कराया जाये।
शिक्षा विभाग में मृतक के नॉमिनी को एनपीएस अंशदान ब्याज सहित देने की मांग
