मिल्कीपुर उपचुनाव में हुई कथित धांधली को लेकर समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस कड़ी में सपा कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में कफन के साथ केंद्रीय चुनाव आयोग का पिंडदान किया. इससे पहले पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि चुनाव आयोग मर गया है, उसे सफेद कपड़ा भेंट करना पड़ेगा.दरअसल, मिल्कीपुर में हुए मतदान के दौरान से ही सपा चुनाव आयोग, अयोध्या पुलिस-प्रशासन और बीजेपी पर हमलावर है. सपा का आरोप है कि मिल्कीपुर में फर्जी तरीके से बीजेपी के पक्ष में मतदान कराया गया. उनके लोगों को वोट डालने से रोका गया. हालांकि, सपा के धांधली वाले सभी आरोपों को स्थानीय प्रशासन ने खारिज कर दिया है.
वाराणसी. अयोध्या के मिल्कीपुर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के कार्यों पर सवाल उठाते हुए विवादित बयान दिया था. अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को मारा बताते हुए कफन भेजने की बात कही थी. उनके बयान के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यालयों ने भी अपने मुखिया का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग का पिंडदान कर दिया. यह आयोजन वाराणसी में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने किया. अब जिस तरह से समाजवादी पार्टी के नेता चुनाव आयोग पर आरोपों की झड़ी लगा रहे हैं उससे चर्चा है कि क्या समाजवादी पार्टी को हार का डर सताने लगा है. वाराणसी के पिशाच मोचन घाट पर अखिलेश यादव के समर्थन में समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग के पोस्टर के साथ पिंडदान किया. बाकायदा सिर मुंडवाकर चुनाव आयोग के नाम का संकल्प लेते हुए श्राद्धकर्म किया गया. इस श्राद्धकर्म को पूरे विधि-विधान से सपा कार्यकर्ताओं ने संपन्न किया. सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मिल्कीपुर चुनाव में जिस तरह से पक्षपात हुआ और चुनाव आयोग ने कुछ नहीं किया, ऐसे में उनका पिंडदान कराना ही सही है. सपा नेता जिशान ने कहा, “हमने चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ यह कदम उठाया है.”
बता दें कि 7 जनवरी को वाराणसी के पितरकुंडा में सपा के लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए. उन्होंने पहले तो बीजेपी पर जमकर हमला बोला फिर विधि-विधान से चुनाव आयोग के पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की. उनका कहना था कि हमारे नेता ने जब कह दिया कि चुनाव आयोग मर गया है तो हमने आज उसका पिंड दान भी कर दिया. इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मिल्कीपुर में बेईमानी के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए हैं. बीजेपी के गुंडों ने मिल्कीपुर उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए अराजकता की, पुलिस-प्रशासन का उन्हें खुला संरक्षण मिलता नजर आया. अखिलेश ने दावा किया कि पुलिस-प्रशासन ने बीजेपी के गुंडों को खुली छूट देकर चुनाव आचार संहिता का घोर उल्लंघन किया, बावजूद इसके निर्वाचन आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया.
