- सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के समक्ष उठा घूसखोर लेखपाल कौशल पाण्डेय मुद्दा
- बोले: ऐसे लोगो को करो चिह्नित सरकार आने पर करूंगा कार्यवाही
अखिलेश यादव के साथ पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी - समधन के पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत स्वर्गीय हाजी हसन को शोक संवेदना की व्यक्त
कन्नौज। जहाँ एक तरफ प्रदेश कि योगी सरकार अवैध जमीनों से भूमाफियाओं को खदेड़ बुलडोजर कार्यवाही कर रही है तो वही दूसरी तरफ जमीन से जुड़े लेखपाल कौशल पाण्डेय पर पर आरोप लगा है कि सरकार को करोड़ों का चूना लगा लेखपाल लगा रहा है।
आपको बताते चले कन्नौज की छिबरामऊ तहसील के अंर्तगत मझपूर्वा गांव में तैनात लेखपाल कौशल पांडेय से जुड़ा सामने आया है जहां लेखपाल पर लाखों कि घूस लेकर बेशकीमती जमीन पर कब्जा कराने का आरोप लगा है । सरकारी जमीन पर भूमाफिया से मिलकर कब्जा कराने का यह मामला कन्नौज के छिबरामऊ तहसील अंतर्गत आने वाले मझपुरवा गांव का है। यहां के दबंग भूमाफिया अफरोज कि नजर गांव कि ही बेशकीमती जमीन पर पड़ गयी। फिर क्या था इसने क्षेत्रीय लेखपाल कौशल किशोर पांडेय से मिलीभगत कर कीमती जमीन हथियाने की रणनीति बनायी। आरोप है की रणनीति के मुताबिक मोटी रिश्वत लेकर लेखपाल ने जमीन पर कब्जा भी दिला दिया, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने काम रुकवा दिया इसे लेकर कब्जा करने वालों टीम पर हमला भी किया गया था । जिसके बाद पुलिस के पास मामला पहुंचा और कब्जा कर रहे अफरोज सहित कई को शांतिभंग में गिरफ्तार भी किया गया था ।
कब्जा कर निर्माण करा रहा दबंग अफरोज यही नही रुका, उसने देरी रात हवालत से छूटते ही राजमिस्त्रियों की फ़ौज लगाकर जमीन के बड़े हिस्से पर लेखपाल की शय पर बेशकीमती जमीन को कब्जा कर लिया फिर से निर्माण करवा दिया। पूरे मामले में अवैध कब्जा कराने वाले लेखपाल और तहसील प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है,यह कोई पहला। मामला नही है लेखपाल में मुरादगंज में जीटी रोड़ किनारे बेशकीमती जमीन की भी खरीद फरोख्त की है और लोगो से कई लाख रुपये लिए है अब देखना यह होगा क्या ज़िले के अफसर इस भ्रष्ट लेखपाल पर कब कार्यवाही होगी आपको बता दे यह लेखपाल सत्तपोषित लेखपाल है इसके पिता भाजपा नेता है को मुख्यमंत्री की साख पर बट्टा लगा रहे है । होगा इस दबंग भूमाफिया द्वारा सरकारी जमीन पर किये गये अब देखना यह होगा जो जमीन लेखपाल द्वारा लोगो को कब्जा करवाई जा रही उसपर बाबा का बुलडोजर कब चलेगा और कब जमीनो को खाली कराया जाता है, या या प्रदेश की योगी सरकार और जिला प्रशासन अपनी आंखे बंद रखता है।
