अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न करने पर महिला को मारपीट कर किया बेघर

एसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की लगायी गुहार, पुलिस ने कराया मेडिकल
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अतिरिक्त दहेज में 10 लाख रुपये की मांग को लेकर ससुरालीजनों ने महिला को मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीडि़ता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगायी। पुलिस ने महिला का डाक्टरी परीक्षण कराया।
पीडि़त महिला अंबिका पत्नी सुशील कुमार मोहल्ला ग्वालटोली फतेहगढ़ की निवासिनी है। पीडि़ता का विवाह हिन्दू रीतिरिवाज के अनुसार सुशील कुमार पुत्र रामवीर के साथ दिनांक 22.11.2024 को हुआ था। पति सुशील कुमार आर्मी मेडिकल कोर (ए0एम0सी0) में सरकारी सेवा में हंै। विवाह में पिता प्रदीप कुमार ने एक चार पहिया गाड़ी एक्सयूवी 3 एक्स0ओ0 ससुरालीजनों को दी थी। इसके अलावा ५ लाख रुपये की नकदी, पति को सोने की पांच अंगूठी, सोने की चेन, कान के झुमके, नाक की बाली, सोने की अंगूठी, बिछिया व तोडिय़ां दी थीं। ननद कंचन को एक जोड़ी पायल व एक जोड़ी सोने के कान के कुंडल, ससुर रामवीर सिंह व देवर आशीष को एक-एक सोने की अंगूठी एवं इसके अतिरिक्त गृहस्थी का सारा सामान सोफा, डबल बेड, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एल0ई0डी0 टीवी इत्यादि उपहार स्वरूप दिया था। पीडि़ता विवाह के बाद जब अपनी ससुराल पहुंची, तो दो-चार दिन ससुरालीजनों का व्यवहार पीडि़ता के प्रति ठीक रहा। उसके बाद पति सहित उपरोक्त सभी ससुरालीजन पीडि़ता से अतिरिक्त दहेज में १० लाख रुपये की मांग करने लगा। जिस पर पीडि़ता ने विवशता जाहिर की। जब पीडि़ता ने यह बात अपने पिता को बतायी, तो उन्होंने देने में असमर्थतता जतायी। जिस पर ससुरालीजन उसे प्रताडि़त करने लगे। माह दिसम्बर 2024 में अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुये उपरोक्त सभी ससुरालीजनों ने पीडि़ता को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। तब पंचायत किये जाने पर पति व अन्य ससुरालीजन पीडि़ता को बुला ले गये थे। परन्तु पति अन्य ससुरालीजनों के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया और दिनांक 21.02.2025 अतिरिक्त दहेज में १० लाख रुपय की मांग करते हुए पीडि़ता को पति सुशील कुमार, देवर आशीष, ससुर रामवीर सिंह, सास मीरा देवी एवं ननदें पीडि़तों को लात-घूसों से मारपीट कर मात्र पहने हुये कपड़ों में समस्त स्त्रीधन छीनकर घर से निकाल दिया। पीडि़ता अपने घर पहुंची और पिता के साथ थाने पर शिकायत करने गयी, परन्तु पुलिस ने मामले में कोई रुचि नहीं दिखायी। तब पीडि़ता ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया।

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