फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी रवीन्द्र सिंह कायमगंज को सौंपा।
दिये गये ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा जैसा बुनियादी अधिकार निजी संस्थाओं के लिए मुनाफा का जरिया बन चुका है। प्राइवेट स्कूल सुविधाओं की आड़ में अभिभावकों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। ड्रेस, किताबें, यूनीफार्म, कोचिंग, एडमीशन, जूते, बैग, प्रतिवर्ष मंहगी फीस को इन्होंने अनिवार्य बना दिया है। स्कूल दाखिले के लिए लाखों का डोनेशन ले रहे हैं। किताबें स्कूल के किसी अधिकृत वेण्डर से ही खरीदनी होती हैं। जिसका मूल्य बाजार दर से कई गुना अधिक होता है। जिसमें किताबों में स्कूल का कमीशन शामिल रहता है। स्कूलों में 4-5 हजार रूपया प्रतिमाह पर अध्यापक पढ़ा रहे हैं। जो सरकारी मानक से कहीं बहुत कम वेतन पाते हैं। बच्चे दिन भर स्कूल, फिर कोचिंग, होमवर्क बच्चों को खेलने का मौका ही नहीं मिलता है। बच्चे हीन भावना से ग्रसित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ऐसी समस्याओं पर जांच कर तत्काल अंकुश लगाये। स्वास्थ्य जैसी समस्यायें भी भयावह हैं। प्राइवेट अस्पतालों ने कमाई का जरिया बना लिया है। उद्योग का दर्जा हासिल कर रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों ने मंहगी दवाईयां, आई0सी0यू0 और एडवांश पेमेन्ट की मांग जो भी बिना बताये मरीज की स्थिति क्या है, सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार को भी डाक्टर ऐसा बताते है कि मानो जीवन संकट में है। मराऊ मरीजो का भी जबरदस्ती इलाज होता है। यदि मरीज ठीक भी हो गया तो बिल देखकर मर जाता है। दस रूपये वाली दवा 200/-रुपये की मिलती है। यहां तक मौत के बाद भी लाश को एक दो दिन रोककर मोर्चरी चार्जेज, फ्रीजर चार्जेज आदि के नाम पर अवैध वसूली होती है। मरीज की अन्तिम सास तक पैसा वसूला जाता है। ऐसे प्राइवेट अस्पतालों पर जांच कर सख्त कार्यवाही की जावे। वहीं कोतवाली, थानो की पुलिस अपराध और अपराधियों को बचाने का काम करती है। समाज को न्याय नहीं मिल रहा है। आपराधियों को बचाने में पुलिस को मोटी रकम मिलती है। पुलिस अपने अनुसार बड़े से बड़े मामलों में मुकदमा नहीं लिखती है। न्याय के लिए न्यायालय की नौबत नहीं आने देती है। 126, 135 की कार्यवाही कर दोनों पक्षों में जबरदस्ती समझौता करा दिये जाते हैं। यह सब कुछ खेलआम हो रहा है। सरकार व मीडिया न्यू चैनल पर हर जगह मुद्दा उठता है, शोर को धीरे-धीरे दबा दिया जाता है। थाना कायमगंज सहित उत्तर प्रदेश के सभी थानो की जांच करायी जावे, आदि सहित पांच मांगें शामिल हैं। इस मौके पर मुन्नालाल सक्सेना जिला प्रभारी, प्रताप सिंह गंगवार, रामवीर, विनीत कुमार सक्सेना, अमरीश शुक्ला, विजय शाक्य, श्योराज शाक्य, रामलाल गुप्ता, बिंदु सिंह गंगवार, श्रीकृष्ण शाक्य आदि कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाकियू भानू गुट ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा
