मयंक कटियार के मामले में कूर्मि क्षत्रिय सभा ने मुख्यमंत्री से कार्यवाही की मांग

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मयंक कटियार हेयर ट्रांसप्लांट हत्याकांड के मामले में कूर्मि क्षत्रिय सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आरोपी डॉ0 अनुष्का तिवारी (रावतपुर) कानपुर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने कठोर कार्यवाही करने व मृतक की मां को पांच लाख रुपये आर्थिक सहायत देने की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डीएम कटियार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया कि पीडि़ता बेवा प्रमोदिनी कटियार निवासी भोलेपुर ने बताया कि उनके पुत्र मयंक कटियार की हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी 18 नवम्बर 2024 को डॉ0 अनुष्का तिवारी पत्नी सौरभ त्रिपाठी अंपायर क्लीनिक, केशवपुरम आवास विकास-1, कल्याणपुर, कानपुर (थाना रावतपुर) द्वारा गंभीर लापरवाही एवं असावधानीपूर्वक की गई। सर्जरी के पश्चात गलत दवाएं दिए जाने के कारण 19 नवम्बर 2024 को मयंक की मृत्यु हो गई। मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है, एवं उनकी मां विधवा और असहाय थी। किसी ने एफआईआर दर्ज कराने में मदद नहीं की। और विवश होकर शव का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम कराना पड़ा।

पूर्व में प्रकाशित समाचार

बाद में जानकारी करने पर यह तथ्य सामने आया कि डॉ0 अनुष्का तिवारी न तो हेयर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ हैं और न ही त्वचा या किसी अन्य चिकित्सा शाखा में योग्य चिकित्सक हैं। वह अपने पति के डेंटल क्लीनिक की आड़ में उक्त क्लीनिक को अवैध एवं अनधिकृत रूप से संचालित कर रही थीं। पूर्व में भी उक्त डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक इं0 विनीत दुबे की मृत्यु हो चुकी है, जिसकी रिपोर्ट उनकी पत्नी जया द्वारा थाना रावतपुर कानपुर में दर्ज कराई गई है। प्रार्थनी प्रमोदिनी कटियार भी अपने पुत्र की मृत्यु को चिकित्सा लापरवाही का परिणाम मानते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने एवं कठोर कार्यवाही की मांग की गई है। कूर्मि क्षत्रिय सभा ने मांग की पीडि़ता प्रमोदिनी कटियार के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए डॉ0 अनुष्का तिवारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने हेतु पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ को निर्देशित किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर नगर को उक्त फर्जी क्लीनिक एवं अनधिकृत चिकित्सकीय कार्यप्रणाली की जांच कर विधिसम्मत कार्यवाही की मांग की। मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतक की विधवा मां को पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, क्योंकि मृतक ही परिवार का एकमात्र आजीविका अर्जक था। बताते चले बीते दिनों प्रकरण की जानकारी होने पर हमारे समाचार पत्र ने प्रमुखता से पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाचार प्रकाशित किया था।

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