नगर मजिस्टे्रट के समक्ष हुई मध्यस्थता, बोले भगवान परशुराम हमारे भी है पूज्यनीय
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। 1 मई को कलेक्ट्रेट में आयोजित धरने के दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार द्वारा भगवान परशुराम को लेकर टिप्पणी के विरोध में ब्राह्मण समाज आक्रोशित था और धरना प्रदर्शन कर उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। जिसके चलते शुक्रवार को नगर मजिस्टे्रट की अध्यक्षता में ब्राह्मण समाज व जवाहर सिंह के बीच मध्यस्थता कराते हुए विवादित मामले को समाप्त कराया गया। ब्राह्मण समाज के विभिन्न व्यक्तियों की मौजूदगी में जवाहर सिंह ने जो टिप्पणी की थी, उस पर हृदय से खेद व्यक्त करते हुए अपने शब्द वापस लिये। मध्यस्था के बाद जवाहर सिंह ब्राह्मण समाज के लोगों से गले मिले। भईयन मिश्रा ने बताया कि जवाहर सिंह द्वारा गलती स्वीकार कर ली गई है। हम लोग उनके लिखित व मौखिक बयान से सहमत है। अब ३० मई को धरना प्रदर्शन उनके खिलाफ नहीं होगा। उन्होंने समाज के सभी व्यक्तियों के सामने गलती को स्वीकार किया। इससे सर्व समाज के बीच अच्छा संदेश गया। इस मौके पर ब्राह्मण सेवा समिति के महामंत्री लालाराम दुबे, ब्राह्मण जन सेवा समिति के अतुल मिश्रा, अधिवक्ता राजीव बाजपेयी, फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा, कोमल पाण्डेय, रामजी बाजपेयी, प्रहलाद सिंह परिहार, सुनील बाजपेयी, सपा नेता सरल दुबे, प्रबल त्रिपाठी आदि के समक्ष पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष जवाहर सिंह ने अपने कथनों को वापस लिया। मध्यस्थता के बाद जवाहर सिंह गंगवार ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ बद्री विशाल पहुंचे और भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान नारायण दुबे, विमलेश मिश्रा, धीरज पाण्डेय, टिंकल यादव आदि लोग मौजूद रहे।
ब्राह्मणों के दबाव में झुके जवाहर सिंह, भगवान परशुराम पर कहे शब्द लिये वापस
