सैफई विश्वविद्यालय पर लापरवाही का आरोप, बोले- समय रहते इलाज मिलता तो बच जाता बेटा
सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में भर्ती युवक की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए स्वजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतक की मां ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
भरथना के मोहल्ला ब्रजनगर निवासी सुनील कुमार का 22 वर्षीय पुत्र आदित्य उर्फ रमन किडनी की बीमारी से ग्रसित था। 9 जून की सुबह हालत बिगड़ने पर स्वजन उसे विश्वविद्यालय में भर्ती कराए थे। अगले दिन उसे ट्रॉमा सेंटर के MICU में शिफ्ट किया गया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार सुबह हालत और बिगड़ने पर मां सुमित्रा देवी ने ऑक्सीजन में दिक्कत की जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया।
महिला का आरोप है कि जब वह चिकित्सक से मदद मांगने पहुंची तो उसे डांटकर भगा दिया गया। हाथ जोड़ने पर भी डॉक्टरों ने अनसुना कर दिया। मां का कहना है कि यदि समय रहते इलाज मिलता तो बेटे की जान बचाई जा सकती थी।
मरीज की देखरेख मेडिसिन विभाग के डॉक्टर मनोज कुमार कर रहे थे। आरोप है कि विभाग में कोई जिम्मेदार डॉक्टर समय पर मौजूद नहीं रहता और व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। मृतक की मां ने दो वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है। उसने यह भी कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वह बेटे का शव नहीं ले जाएगी।
सूचना पर पहुंचे विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने स्वजनों को समझाने का प्रयास किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि युवक को गंभीर हालत में भर्ती किया गया था। विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज हुआ, मौत के कारणों की जांच कराई जा रही है। लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शव को पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखवाया गया है। देर शाम तक स्वजन शव लेने को तैयार नहीं हुए थे।
