कायमगंज, समृद्धि न्यूज। गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल की कायमगंज स्थिति दरगाह हजऱत सय्यद जूही शाह औलिया अलैहि रहमा में जिल्हज महीने की 20वीं तारीख में कुल शरीफ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, साथ ही दूर दराज से आए अकीदतमंदों ने अपने-अपने तरीके से फूल वा चादर पेश की। सभी मजहब के जायरीनों ने हाजिरी दी और अपनी अकीदत पेश की और लंगर भी तकसीम किया गया।
दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद मुशीर मियां ने दरगाह हजऱत मखदूम शाह सय्यद शहाबुद्दीन औलिया लोको फतेहगढ़ नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम उर्फ मुहम्मद मियां साहब कि दस्तार और तोहफे से नवाज़ा और पप्पन मियां ने खिताब कर कहा की सभी को खानकाहों से अकीदत रखना चाहिए, जोकि आपसी भाई चारे को बढ़ावा देती है। ये दरगाहें मानवता का प्रतीक और तर्जुमान है, इंसानियत का, सूफी संतों ने सदैव अमन संदेश देने के साथ सभी धर्मों का सम्मान करने की शिक्षा दी है। आज सूफी संतो की शिक्षा से दूरी हमारे भाई चारगी को समाप्त कर रही है। हर दौर में औलिया, कराम ने अमन भाई चारगी का सन्देश इनके आस्ताने पे आने वालों को रूहानी फैज के साथ साथ इंसानियत का भी पैगाम मिलता है। पप्पन ने बताया सूफी संतों ने समाज से बुराइयों को मिटाकर एक साथ समाज की बुनियाद रखी है और चारों ओर मोहब्बत के हमेशा चिराग रोशन करते रहे। बच्चा कब्बाल पार्टी ने कलाम पेश किये। तू बढ़ा गरीब नवाज है, है दयारे फैजो अता यही ये दरे गरीब नवाज़ है। इसी दर मै भी फकीर हु मुझे अपने ख्वाजा पे नाज़ है। इश्क में तेरे कोहे गम सर पे लिया जो हो सो हो, ऐस ओ निसार जिंदगी छोड़ दिया जो हो सो हो।
जूही शाह औलिया के सलाना उर्स में जायरीनों ने दी हाजिरी
