कीर्ति हत्याकांड का खुलासा, भाई व भाभी ने की थी हत्या

मोहल्ले के युवक से काफी समय से चल रहा था प्रेम प्रसंग
उसी से करना चाह रही थी शादी, परिजन कर रहे थे विरोध
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। राजेपुर थाना पुलिस ने कीर्ति हत्याकांड का खुलासा कर उसके भाई अभिषेक व भाभी सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। जिन्होंने कीर्ति की हत्या की घटना का इकबाल कर लिया है। राजेपुर थाना पुलिस ने अभियुक्तों को पुलिस लाइन के सभागार में मीडिया के सामने पेश किया। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ0 संजय सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला पटवन गली निवासी अभिषेक की बहन कीर्ति का शव 6 जुलाई को थाना राजेपुर क्षेत्र में बरेली इटावा मार्ग पर स्थित नासे नाला के पुल ग्राम महमदपुर गढिय़ा के तालाब में बरामद हुआ था। पुलिस के द्वारा मु0अ0सं0 ८६/२०२५ धारा १०३(१)/२३८ बीएनएस अभिषेक पुत्र सोबरन व सरिता पत्नी अभिषेक के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था।
ग्राम प्रधान की तहरीर के आधार पर दिनांक ०६.०७.२०२५ को ही सूचना फौती दर्ज की गयी। जिसमें मृतका की शिनाख्त कीर्ति पुत्री सोबरन उम्र करीब 25 वर्ष निवासी मोहल्ला पटवन गली थाना कायमगंज के रूप में हुयी। परिजनों ने पुलिस को कीर्ति की हत्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जब पुलिस के द्वारा पूछताछ व सीडीआर का अवलोकन किया गया, तो कीर्ति की हत्या उसके बड़े भाई अभिषेक व भाभी सरिता के द्वारा किया जाना पाया गया। अभियुक्त अभिषेक व सरिता को अभिषेक के मामा के घर ग्राम नगला घाघ से गिरफ्तार किया गया। अभिषेक के द्वारा हत्या में प्रयुक्त गमछा व मोटर साइकिल को पुलिस के द्वारा बरामद किया गया है। अभिषेक ने पुलिस को बताया गया कि कीर्ति मेरी सगी बहन थी। उसका मोहल्ले के ही लडक़े अंकित गंगवार से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लोक लज्जा के डर से कीर्ति को मैंने व मेरी पत्नी सरिता ने कई बार समझाया, लेकिन वह कोई बात मानने को तैयार नहीं थी। 5 जून की रात्रि करीब 3 बजे माँ को स्कूल में दाखिला की बात बताकर बहन कीर्ति व पत्नी सरिता को साथ लेकर आया था। इधर का रास्ता मैं जानता व पहचानता हूँ, क्योंकि मेरी ससुराल भी इधर ग्राम तेराखास में है। मैंने व मेरी पत्नी सरिता ने कीर्ति को बहुत समझाया बुझाया, लेकिन यह कोई बात मानने को तैयार नहीं थी और कह रही थी मैं शादी उसी से करूंगी चाहे आप मुझे मार दो। मैंने गमछा से उसका नाक व मुँह कसकर दबा दिया था। मेरी पत्नी ने उसके हाथ पकड़ लिये थे। इसी से उसकी मृत्यु हो गयी। तब मैंने उसको नासा नाला पुल से नीचे फेंक दिया। गुस्से में मुझसे यह घटना हो गयी। बाद हम लोग बाइक से पांचाल घाट होते हुये फतेहगढ़ स्टेशन गये थे। रास्ते में गंगा पुल के ऊपर से अपना गमछा फेंक दिया था। जो मैंने बरामद करा दिया है।

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