सैफई , समृद्धि न्यूज। ऑनलाइन स्कार्पियो बुक कर लखनऊ से फिरोजाबाद जा रहे आजमगढ़ निवासी युवक से लूटपाट करने वाले दो युवकों को सैफई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक आरोपी खुद को एसडीएम बताता था और गाड़ी पर ‘मजिस्ट्रेट’ लिखवाकर भ्रम फैलाता था। आरोपी यूपीएससी की असफल तैयारी के बाद खुद को आईएएस प्रोबेशनर बताकर सरकारी अधिकारी बनने का ढोंग रचता था। घटना के खुलासे को लेकर गुरुवार को पुलिस लाइन इटावा में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीश चंद्र और क्षेत्राधिकारी सैफई रामगोपाल शर्मा मौजूद रहे।
घटना 11 जुलाई की है। आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डिघवनिया मझौवा निवासी रामप्रवेश यादव ने थाना सैफई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने 10 जुलाई को एक ऐप के माध्यम से स्कार्पियो (UP32PT0932) बुक की थी। वह रात 9:45 बजे लखनऊ के चहरिया क्षेत्र से गाड़ी में सवार हुआ। गाड़ी में चालक के साथ एक युवक पहले से बैठा था। 11 जुलाई की तड़के करीब 2 बजे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 105 किमी के पास दोनों युवकों ने तमंचा दिखाकर रामप्रवेश को गाड़ी से जबरन उतार लिया और उसका मोबाइल फोन, पर्स जिसमें नकदी, एटीएम और आधार कार्ड था, छीन लिया। साथ ही धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो फर्जी ड्रग्स केस में फंसा देंगे।
पीड़ित किसी तरह एक्सप्रेसवे किनारे एक पेट्रोल पंप तक पहुंचा और वहां से पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची थाना सैफई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
गुरुवार सुबह थाना सैफई पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम हैवरा कोठी क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक हैवरा बाईपास के पास किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने उन्हें घेराबंदी कर करहल बाईपास जाने वाले मार्ग के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने लूट की वारदात को स्वीकार किया।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान अमर पाण्डेय पुत्र इन्द्र कुवर पाण्डेय निवासी ग्राम बेलवा विन्होनी भीखमपुर थाना बलरामपुर देहात, जनपद बलरामपुर के रूप में हुई है। अमर पाण्डेय ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी करता था, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर खुद को आईएएस प्रोबेशनर बताने लगा। उसने यूपीएससी का फर्जी नियुक्ति पत्र बना लिया और स्कार्पियो गाड़ी पर ‘मजिस्ट्रेट’ लिखवा लिया। वह खुद को एसडीएम ऊन, जनपद शामली बताता था। इसी फर्जी पद का उपयोग वह टोल टैक्स से बचने, प्रभाव जमाने और आपराधिक गतिविधियों से बचने के लिए करता था। स्कार्पियो में बैठने वालों को विश्वास में लेने के लिए वह अपने मोबाइल में तैयार नियुक्ति पत्र भी दिखाता था।
दूसरे आरोपी की पहचान रामाधीन पुत्र रामदेव निवासी समदा थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर के रूप में हुई है। दोनों ने मिलकर योजना बनाई थी कि ब्ला-ब्ला ऐप के माध्यम से बुकिंग ली जाए और सुनसान स्थान पर ले जाकर लूटपाट की जाए।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से एक स्कार्पियो गाड़ी (UP32PT0932), दो तमंचे 315 बोर, दो कारतूस, एक काला पर्स, दो क्रेडिट/डेबिट कार्ड (एचडीएफसी व कोटक), एक आधार कार्ड और चार हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के बाद संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी टीम में सैफई थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार शर्मा, निरीक्षक तेज सिंह, उप निरीक्षक शकील अहमद, हेड कांस्टेबल लुकमान खां, कांस्टेबल अनुराग कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, संदीप कुमार, सुरेंद्र व महेश शामिल रहे। इसके अलावा एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक बेचन सिंह व सर्विलांस प्रभारी उप निरीक्षक नागेंद्र चौधरी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
फर्जी एसडीएम बनकर स्कार्पियो से युवक को उतार कर की थी लूट, दो गिरफ्तार
