समृद्धि न्यूज। श्रावण माह में सोमवार के व्रत का विशेष महत्व होता है, इस दिन भक्त देवों के देव महादेव के लिए व्रत करते हैं और उनकी आराधना करते हैं। सावन के सोमवार पर नियमों का अच्छे से पालन करना चाहिए, तभी उसका फल प्राप्त होता है, सावन का महीना भोलेनाथ की पूजा के लिए शुभ और पवित्र माना गया है।
21 जुलाई दिन सोमवार है और चंद्रमा का संचार वृषभ राशि में होगा। ऐसे में आज गौरी योग का संयोग बनेगा। इस पर आज रोहिणी नक्षत्र के संयोग में वृद्धि योग का भी संयोग बनने जा रहा है। आज सावन का दूसरा सोमवार है, और कामिका एकादशी भी है। ऐसे में आज का दिन कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक रहने वाला है। साल 2025 में सावन माह में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे। हर सोमवार का अपना अलग महत्व है। इस दिन भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं और शिवलिंग पर उनकी प्रिय चीजें उनको अर्पित करते हैं। सावन में सोमवार की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाएं तो उसका फल प्राप्त होता है। सावन का महीना बहुत खास होता है इस माह में पडऩे वाले व्रत और त्योहार भी अपना अलग महत्व रखते हैं।
कहते हैं कि सावन में हर साल महादेव अपने ससुराल आते हैं। ऐसे में इस दौरान भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। सावन में सोमवार का अधिक महत्व माना जाता है, लोग इस दिन व्रत-पूजन इत्यादि बड़े धूमधाम से करते हैं। इस माह में ही लोग कावंड़ लेकर आते हैं और शिव जी को गंगाजल अर्पित करते हैं। कहते हैं कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की उपासना से जातक को रोग, दोष और भय से मुक्ति मिल जाती है।
सोमवार पूजन-विधि
- सोमवार को शिव जी की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें
- पूजा स्थल को साफ करके शिवलिंग और शिव जी की मूर्ति स्थापित करें
- इसके बाद शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से करें
- बेलपत्र, फूल, धूप-दीप शिवलिंग पर अर्पित करें
- नम:शिवायमंत्र का जाप करें
- शिव जी की आरती करें और प्रसाद का भोग लगाएं
