चुनार। प्राचीन हनुमान मंदिर विठ्ठलपुर में सात दिवसीय संगीतमय रामकथा के प्रथम दिन पंडित आशू मिश्रा के द्वारा कथा के यजमान जनार्दन मिश्रा से भक्त शिरोमणि हनुमान जी महाराज व्यासपीठ का विधि विधान से पूजन कराया तदुपरान्त काशी से आई मानस मंदाकिनी चन्द्रा मिश्रा ने कथा का शुभारंभ करते हुए कहा कि ज्ञानी लोग कुतर्क नही करते है। हनुमान जी महाराज परम ज्ञानी थे। और शांत मन से श्री राम की आराधना करते हैं जो उनका सुमिरन करता है वह पूर्ण फल को पाता है । और जीवन का सार यही है कि मृत्यु लोक को छोड़कर सभी को एक दिन जाना है। जितना हो सके मनुष्य को राम नाम के सुमिरन करना चाहिए। रामकथा देव लोक में सुनने को नहीं मिलता है।वहीं रामकथा का श्रवण करने पहुंचे श्रोतागण कथा सुन कर मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर पुजारी कपिल देव पांडेय लाल पांडेय सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।।
