क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद व बाल गंगाधर तिलक की मनायी गई जयंती

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। विश्व हिन्दू महासंघ के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन बद्री विशाल महाविद्यालय में हुआ और चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण के साथ जनेऊ धारण कराया गया। अध्यक्षता करते हुए आदित्य दीक्षित ने कहा कि आजाद के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की जयंती मनाकर उनकी स्मृति का याद किया गया। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मुनीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि समाज में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुख्य अतिथि विद्यार्थी परिषद के विभाग संगठन मंत्री संजय प्रकाश सिंह राणा ने भी विचार व्यक्त किये। विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष रवि बाजपेयी ने कहा कि युवा गलत रास्ते पर भटक रहा है। सोशल मीडिया पर समय बरबाद न करें। समाजिक कार्यों में रुचि ले। इस मौके पर कुलभूषण श्रीवास्तव ने आजाद के जीवन पर पंक्तियां पढ़ी। इस दौरान सर्वजीत बाजपेयी, प्रियांशु शाक्य, भानु प्रताप सिंह, यशराज दीक्षित मौजूद रहे। वहीं जनतंत्र क्रांतिकारी मोर्चा ने क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद की ११८वीं जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। अध्यक्षता शिवाजी कटियार ने की। संचालन कन्हैया लाल श्रीवास्तव ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तम कुमार मिश्रा ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद की ११८वीं जयंती हम मना रहे है। उनका जन्म १९०६ में अलीराजपुर ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने १५ वर्ष की आयु में घर छोड़ दिया और देश को आजाद कराने के लिए क्रांति की आग में कूद गये। अंगे्रजों से आमने-सामने लड़ाई लड़ी और कई बार गोरों को परास्त किया। उन्होंने आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। इस मौके पर नरेन्द्र कुमार शर्मा, शिवाजी कटियार, डा0 मेहंदी हसन, पृथ्वीनारायन, शिव कुमार, रामनारायन मिश्रा, मुन्ना सिंह, पप्पी गुप्ता, राजेश मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।
वहीं कायमगंज में राष्ट्रीय प्रगतिशील फोरम द्वारा शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर गोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें विश्व का कालजयी अग्निपुत्र क्रांतिकारी बताया। प्रोफेसर रामबाबू मिश्र रत्नेश ने कहा कि देश को आजादी न तो बिना खडग़ बिना ढाल और न सत्य और अहिंसा के अर्थ हीन नारों से मिली। भारत को आजादी चंद्रशेखर आजाद जैसे पराक्रमी शहीदों के अभूतपूर्व बलिदानों से प्राप्त हुई। इस मौके पर गीतकार पवन बाथम, प्रधानाचार्य शिवकांत शुक्ला, डॉ0 सुनीत सिद्धार्थ ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर जेपी दुबे, वीएस तिवारी, मनीष गौड़, अलीगंज से आए कवि बृजनंदन पुजारी आदि मौजूद रहे।

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