नाग पंचमी पर महाकाल मंदिर में विशेष काल सर्प दोष की हुई पूजा

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। नाग पंचमी पर विभिन्न मंदिरों में श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना की गई। तक्षक नागचन्द्र मौलेश्वर वर्ष में एक बार मानव स्पर्श दर्शन पूजा होती है। नाग पंचमी पर विशेष काल सर्प दोष पूजा की जाती है। देश में नाग पंचमी पर्व उत्साह पूर्वक मनाया जाता है। मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ ने हलाहल विषपान किया था। महाकाल के दर्शन इस पर्व पर किये जाते है और नाग पंचमी पर पूजन के साथ काले नाग को दूध पिलाया जाता है। घरों में कोयले से नाग की आकृति बनाकर दूध, सिमई, शूतफेनी, मिश्रित वस्तुओं का भाग लगाकर तक्षक नागचन्द्र को पूजा जाता है। नौ फन के नाग के ऊपर शिव, गणेश, पार्वती की प्रतिमा है। तक्षक नागचन्द्र मौलेश्वर की प्रतिमा केवल दो ही स्थानों पर देखने को मिलती है। प्रथम मंदिर उज्जैन स्थित महाकाल एवं द्वितीय मंदिर फर्रुखाबाद स्थित महाकाल मंदिर है। नाग पंचमी को आम दर्शनों के लिए दोष या अन्य किसी प्रकार का दोष शिव का १०८ बार महामृत्युंजय महामंत्र के साथ चौकी के नाग नागिन का जोड़ा, दूध हल्दी, पुष्प, मिष्ठान, धतूरा आदि चढ़ाने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। नाग पंचमी पर भक्तों ने दुग्धाभिषेक कर पूजन किया और भोलेनाथ को प्रसाद अर्पित किया। महाकाल मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। देर शाम तक पूजन अर्चन चलता रहा। इस मौके पर अवधेश बाजपेयी, चंदन कटियार, आकाश, सुमित, दीपक, विजय, रामनाथ, बालकृष्ण, रामबाबू चौरसिया, सरोज, निर्मला, शिखा, जगदेवी आदि लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *