
समय अवधि में कार्य पूर्ण व आवंटित बजट का ससमय खर्च न करने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश
सांसद ने जनपद को फोरलेन से जोडऩे की मांग की
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। मंत्री ने मरम्मत के कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में यदि निर्धारित समय अवधि में कार्य पूर्ण नहीं किया गया या आवंटित बजट को ससमय खर्च नहीं किया गया तो जिम्मेदारी तय करते हुये संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। वर्षा से पहले पुराने चल रहे सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्यों में ठेकेदारों द्वारा रूचि ना ली जा रही हो तो कार्यवाही करने के साथ-साथ अर्थदण्ड लगाया जाये। बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि निरीक्षण भवन फतेहगढ़ के शेष प्रांगण में 07 कक्षों का निर्माण कराने हेतु शासन प्रस्ताव को भेजा गया। मंत्री ने निर्देशित करते हुये कहा कि शासन में पता करें कि किसके स्तर पर फाइल लम्बित है और अनमोदन हेतु मेरे समक्ष फाइल प्रस्तुत की जाये। बैठक में सांसद ने जनपद को फोरलेन से जोडऩे की मांग की। उक्त संबंध में लोक निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि विगत वर्ष जनपद से फोरलेन मार्ग का निर्माण कराने हेतु प्रस्ताव भेजा जा चुका है। फोरलेन मार्ग के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति पता करके आज ही अवगत कराने के निर्देश दिए। विधायक अमृतपुर द्वारा नवाबगंज पखना धीरपुर मार्ग का निर्माण कराने की मांग की। उन्होने बताया कि बाबा नीबकरोरी एवं संकिसा पर्यटन स्थल के दृष्टिकोण से इस मार्ग का निर्माण अति आवश्यक है। विधायक अमृतपुर ने अवगत कराया गया कि 2021 में रामगंगा नदी पर पीपे के पुल स्वीकृत हुआ था, जिसका निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं कराया गया है। इस पर विभाग द्वारा बताया गया कि शासन में बजट हेतु प्रस्ताव गया है, बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया जायेगा। मंत्री ने निर्देशित करते हुये कहा कि जल्द से जल्द पैरवी कर बजट प्राप्त किया जाये और निर्माण कार्य को ससमय पूर्ण किया जाये। बैठक में सांसद मुकेश राजपूत, विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, विधायक जलालाबाद, जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
