समृद्धि न्यूज। अगस्त के महीने में आपको रात में आसमान में पर्सिड्स मिटियोर की बौछार देखने को मिलेगी और साथ ही इस रात को आपको आकाश में कई सारी चीजें घटित होते हुए नजर आएंगी। साधारण और सही भाषा में बताएं तो यह अगस्त का महीना उन लोगों के लिए बहुत ही खास होगा जो आसमान की तरफ देखना पसंद करते हैं। 11-12 अगस्त को शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे के सबसे करीब होंगे, सिर्फ 1 डिग्री की दूरी पर। यह दृश्य सूर्योदय से ठीक पहले पूर्व दिशा में दिखाई देगा। 19-20 अगस्त को एक पतला अर्धचंद्र, शुक्र और बृहस्पति के बीच में आकर त्रिग्रहीय मिलन जैसा नजारा बनाएगा। आपको बता दें कि वैसे तो उल्का की बरसात जुलाई से शुरू होकर 24 अगस्त तक चलेगी, लेकिन 12 और 13 अगस्त की रात आपको ये नजारा हर 2-4 मिनट में दिख जाएगा। इन दो रातों को आपको हर घंटे लगभग 150 मिटियोर दिख सकते हैं। हालांकि इस बार पूर्णिमा होने के कारण ये हो सकता है कि इन उल्काओं की चमक कम हो जाए और जिसकी वजह से इन्हें देखना थोड़ा मुश्किल भी हो सकता है। भारत में इस उल्का वर्षा का सबसे अच्छा नजारा 13 अगस्त की आधी रात के बाद पहाड़ी इलाकों जैसे लद्दाख, स्पीति, कच्छ के रण और कर्नाटक या उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों से मिलेगा, जहां कृत्रिम रोशनी कम होती है।
अगर आप भारत में पर्सिड्स उल्का बौछार के नजारों का आनंद लेना चाहते हैं तो आपको किसी दूर गांव या फिर अंधेरे वाली जगहों पर जाना होगा। इन उल्का को देखने के लिए आपके लिए सबसे सही समय 13 अगस्त की रात हो सकती है। अगर हम आपको कुछ जगहों के बारे में बताएं तो यह जगह कच्छ का रण, कर्नाटक या उत्तराखंड के दूरदराज के इलाके और स्पीति जैसी जगहें हो सकती हैं। 12-13 अगस्त के अलावा अगर आप चाहें तो इसे 16 से 20 अगस्त के बीच भी देख सकते हैं।
कैसा दिखेगा ये अद्भुत नजारा
इसे देखने के लिए आपको किसी टेलीस्कोप की जरूरत नहीं होगी। इस बार जिस तरह से उल्कापिंड की बारिश होगी वैसी आज से पहले साल 1992 में हुई थी और फिर आने वाले साल 2126 में होगी। हालांकि, जितने उल्कापिंड आपको आसमान से जमीन की ओर आते दिखेंगे, उतने जमीन पर गिरेंगे नहीं।
