समृद्धि न्यूज। श्री श्री गौर निताई परिवार द्वारा 5 अगस्त से 9 अगस्त तक पांच दिवसीय झूलन महामहोत्सव प्रारम्भ हो गया है। पं मनु पुत्र दास ने बताया झूलन उत्सव श्रावण (अगस्त) माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी से पूर्णिमा तक मनाया जाता है। यह उत्सव श्रीकृष्ण की अपने मित्रों, नन्हे ग्वाल-बालों के साथ वृक्षों के नीचे झूला झूलने की बाल लीलाओं के स्मरण में मनाया जाता है। भगवान की मूर्तियों को झूले पर विराजमान कर भक्तों ने भजन-कीर्तन और नृत्य के माध्यम से गौरांग महा प्रभु और नित्यानंद महाप्रभु की भक्ति में सराबोर वातावरण बना दिया. यह उत्सव सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भक्तों के लिए भक्ति और प्रेम का जीवंत उत्सव है. भागवत महापुराण और अन्य पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, जब वृंदावन में वर्षा ऋतु आती थी, तब गोपियां भगवान के पुनर्मिलन की खुशी में झूला बनाकर राधा रानी को उसमें बैठाती थीं और सभी मिलकर भजन गाते हुए झूला झुलाती थी. वनों में मोर और चिड़ियों की कलरव तथा वर्षा की फुहारों के बीच राधा-कृष्ण का यह झूला उत्सव उस दिव्य प्रेम को दर्शाता है, जो आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है. यही कारण है कि वृंदावन समेत पूरे देश में यह महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है.
गौर निताई परिवार द्वारा 5 अगस्त से 9 अगस्त तक पांच दिवसीय झूलन महामहोत्सव प्रारम्भ
