अयोध्या: रामलला के दर्शन आसान, फाइलों के नहीं, राज्यपाल आनंदीबेन ने खड़े किए सवाल

अयोध्या, समृद्धि न्यूज। राम मंदिर का दर्शन हो जाएगा, लेकिन फाइल के दर्शन करने के लिए लगातार एक टेबल से दूसरा, दूसरे से तीसरा, तीसरे से चौथा, चौथे से पांचवा, दर्शन करने ही पड़ते हैं वहां जो बैठे हैंए उनका…एक फाइल आने के बाद नीचे का अधिकारी उसमें कमियां निकलेगा। फिर फाइल आगे जाएगी फिर वो और कमियां निकालेगा, फिर कमियां पूरी कर दी। फिर तीसरा टेबल ऊपर जाता है वो कमियां निकालता है, मेरा शीर्ष अधिकारियों को इतना ही कहना है कि पहले फाइल आपके टेबल पर आए, जो बंदा बैठा है, वो सभी कमियां निकाल कर पूरी करवाइए। गवर्नर आनंदीबेन पटेल अयोध्या में सीएसआर कॉन्क्लेव में बोल रही थीं। उन्होंने जिस तरह अफसरशाही पर निशाना साधा है।Image
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बीते दिन अयोध्या दौरे पर थीं। इस दौरान उनकी तरफ से की गई टिप्पणी की चर्चा हर कोई कर रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि राज्यपाल ने प्रशासन पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं, उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। लोगों के लिए बहुत ही आसानी से रामलला के दर्शन हो जाते हैं, लेकिन फाइलों के दर्शन आसान नहीं हैं। राज्यपाल ने कहा कि फाइलों की मंजूरी के लिए अफसरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, इसलिए आज रामलला के दर्शन आसान और फाइलें टेबल दर टेबल भटकती रहती हैं।Image
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रशासन पर सीधे तौर पर ये सवाल अयोध्या के सीएसआर कॉन्क्लेव में उठाए हैं, राज्यपाल के बयान से साफ है कि प्रशासन के रवैये की खबर ऊपर आला अधिकारियों तक है कि किस तरीके से लोग इस समय परेशान हो रहे हैं। राज्यपाल का ये बयान अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बयान के बाद से ही अफसरों में हडक़ंप मचा हुआ है, इसके पीछे की वजह भी ये कि अफसरों को कार्रवाई का डर सता रहा है।Image

राज्यपाल ने अधिकारियों से क्या कहा

अयोध्या सीएसआर कॉन्क्लेव में राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में सरकारी ऑफिसों में फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल पर होती रहती है, इन टेबलों पर अलग-अलग प्रकार की गलतियां निकाली जाती हैं, मेरा सभी अधिकारियों से सिर्फ यही कहना है कि जब फाइल पहली टेबिल पर पहुंचे तो वहीं सारी कमियां निकाली जाएं, ताकि लोगों को आसानी हो सके, ये अकेला यूपी का हाल नहीं है लगभग पूरे देश में यही हो रहा है।

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