समृद्धि न्यूज। देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पहाड़ों में लैंडस्लाइडिंग जैसी घटनाएं हो रही हैं। मानसूनी बारिश से उत्तराखंड के साथ ही देश के अन्य भागों में भी हलचल मची है। हिमाचल प्रदेश पर शनिवार को मूसलाधार बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर गिरने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई। किन्नौर कैलाश यात्रा गए एक श्रद्धालु का शव भी मिला है। पहाड़ से मलबा आने से नालागढ़ के कुमारहट्टी के समीप एक कृत्रिम झील बन गई है, जो कभी भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। खासतौर पर यह देखते हुए कि मौसम विभाग ने हिमाचल और उत्तराखंड से लेकर देश के अन्य भागों में अगले पांच से सात दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है।
यूपी के इन जिलों में होगी बारिश
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अगले तीन दिनों में पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों जैसे प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, और मेरठ में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार के लिए पूर्वी यूपी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32.35 डिग्री और न्यूनतम 24.27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर अगले सात दिन भारी बारिश की संभावना जताई है। 13 अगस्त उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर 21 सेमी तक वर्षा हो सकती है। पूर्व मध्य भारत और उससे सटे उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश होने की संभावना है। 13 से 16 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश भारी वर्षा का एक नया दौर शुरू होगा।
हिमाचल के इन जिलों में होगी बारिश
हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, मंडी, चंबा, और कांगड़ा जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है, जबकि 13 और 14 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे) चलने की उम्मीद है।
यूपी में जलप्रलय: 1877 गांवों में बाढ़, 6 लाख पीडि़त और घर-घर पानी
वर्तमान में प्रदेश के 36 जिलों की 92 तहसीलें और 1,877 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में बाढ़ से 6,42,913 लोग प्रभावित हैं, जिन्हें राहत पहुंचाई गई। वहीं बाढ़ की वजह से 84,700 मवेशियों को सुरक्षा स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 573 लोगों के मकानों को क्षति पहुंची है, जिनमें से 465 लोगों को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं प्रदेश में 61,852 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 2,610 नावों और मोटरबोट्स की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 67,169 खाद्यान्न पैकेट और 7,99,734 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लंगर के जरिए पीडि़तों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।
फर्रुखाबाद सहित 36 जनपद बाढ़ से हैं प्रभावित
वर्तमान में प्रदेश के 36 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, कासगंज, हरदोई, मुरादाबाद, मुजफ्फनगर, शाहजहांपुर, भदोही, श्रावस्ती, उन्नाव, फर्रुखाबाद, मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, बदायूं, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं।
