दस हजार रुपए के अर्थदंड से किया गया दंडित
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विशेष एम0पी0/एम0एल0ए0 न्यायाधीश ज्ञानेंद्र कुमार सिंह प्रथम ने लोक सेवक कर्मचारी को उसके कार्य से रोकने के मामले में उर्मिला राजपूत पत्नी डॉ0 रामकिशन राजपूत निवासी पलरा कोतवाली फर्रुखाबाद को डेढ़ वर्ष के कारावास व दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
बीते लगभग 24 वर्षों पूर्व कांस्टेबिल बृजेश कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि तीन दिसंबर 2001 को वह अपने साथी कांस्टेबिल शिशुपाल के साथ यातायात चौराहे पर ड्यूटी कर रहे थे। स्कूल की छुट्टी की वजह से चौराहे पर काफी भीड़भाड़ थी। उसी समय पूर्व विधायिका उर्मिला राजपूत अपनी कार से चौराहे पर आईं और गाड़ी खड़ी कर दी। जिससे चौराहे पर जाम लग गया। उनसे गाड़ी हटाने के लिए कहा, तो वह अन्य लोगों के साथ नीचे उतरी और गली-गलौज करने लगीं और कहा कि दो टके के सिपाही तेरी हिम्मत कैसे हो गई गाड़ी हटाने को कहने की। मेरे ऊपर हाथ चला दिया। कोतवाली फर्रुखाबाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर सरकारी काम में बाधा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर न्यायलय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व अभियोजन की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने पूर्व विधायिका उर्मिला राजपूत को दोषी करार देते हुए डेढ़ वर्ष का कारावास व दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
सपा की पूर्व विधायिका को सरकारी काम में बांधा के मामले डेढ़ वर्ष का कारावास
