प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की याचिका पर अहम फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने अब्बास अंसारी की याचिका को स्वीकार करते हुए उनकी विधायकी बहाल कर दी। अब्बास अंसारी की विधायकी पहले निरस्त कर दी गई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा और फिर फैसला सुनाते हुए उनके पक्ष में आदेश दिया।
मऊ सदर सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के पूर्व विधायक और माद्बिक्तया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अब्बास की सजा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, कोर्ट ने एमपी एमएलए कोर्ट की तरफ से 2 साल की सजा को रद्द कर दिया है, यानी अब मऊ सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं होगा। अब्बास अंसारी ने सजा रद्द किए जाने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका स्वीकार होने के बाद अब अब्बास की विधायकी बहाल हो जाएगी। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मऊ की सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं होगा। अब्बास अंसारी की तरफ से वकील उपेंद्र उपाध्याय ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा था वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने दलीलें पेश की थीं। उन्होंने एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट मऊ के फैसले पर रोक लगाने का विरोध किया था। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 30 जुलाई को फैसला रिजर्व कर लिया था, आज इसका फैसला न्यायमूर्ति समीर जैन ने दिया।
अब्बास अंसारी की विधायकी बहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया निर्णय
