फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से जो अचल संपत्तियों के बैनामे का पंजीकरण शुल्क 20 हजार रुपए से अधिक होने पर उसे अनिवार्य रूप से ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया जो जनपद सहित सभी जिलों में लागू की गई हैं वो आम जनता के लिए हानिकारक हैं। मुख्यमंत्री से मांग है कि इसको तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश प्रदेश में जारी करें। जिससे आम जनता को राहत मिल सकें।
उन्होंने कहा कि जब यूपी की भाजपा सरकार 20 हजार रुपए तक पंजीकरण शुल्क को नगद ले सकती हैं तो 20 हजार रुपए से अधिक राशि का भी पंजीकरण शुल्क ले सकती हैं, लेकिन यूपी की भाजपा सरकार को यूपी की जनता जनार्दन को कष्ट देने का शौक हैं इसी लिए यह अचल संपत्तियों के बैनामे का 20 हजार से अधिक पंजीकरण शुल्क को ऑनलाइन जमा करने का फैसला लिया गया हैं। जिसका मैं विरोध करता हूं। आने वाले समय में सपा की सरकार आयी तो इस फैसले को हटवाऊंगा। उन्होंने कहा कि अचल संपत्तियों के बैनामे का पंजीकरण शुल्क ऑनलाइन लेना सरकार के लिए तो लाभकारी साबित होता दिखाई दे रहा हैं, लेकिन यूपी के फर्रुखाबाद जिले सहित सभी जिलों की जनता को काफी नुकसान हो रहा हैं, इसका कारण यह हैं कि जिस दिन अचल संपत्तियों के बैनामे को तैयार किया जाता हैं तो कभी रजिस्ट्री ना हो पाने के कारण अचल संपत्तियों के बैनामे का पंजीकरण शुल्क जो ऑनलाइन जमा करा दिया जाता हैं तो वह बेकार हो जाता हैं और बेकार हुआ अचल संपत्तियों के बैनामे का पंजीकरण शुल्क लगभग 4 माह बाद वापस आता हैं। यदि जनता जनार्दन अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक से अनुरोध करती हैं की किसी भी तरह से रजिस्ट्रार से २० हजार से अधिक पंजीकरण शुल्क की रजिस्ट्री करवा देते थे, अब यह समस्या गंभीर है और दोबारा चल अचल सम्पत्ति के बैनामा ऑन लाइन करवाने पड़ते है। वहीं सब रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा बताया गया कि २० हजार से अधिक धनराशि की रजिस्ट्ररी हेतु ऑन लाइन पंजीकरण शुरु कर दिया गया है।
बैनामे में 20 हजार से अधिक शुल्क ऑनलाइन जमा करने आदेश वापस हो: नन्दकिशोर
