ढोल नगाड़े के साथ ले गये भक्तगण
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। विघ्नहर्ता गणेश महोत्सव या गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव का एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है, जो बाधाओं को दूर करने वाले देवता, विघ्नहर्ता, गणेश के प्रति श्रद्धा और उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस उत्सव में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है, जिनकी नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है, और अंत में गणेश जी को विसर्जित कर दिया जाता है, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में इस उत्सव को सभी जातियों और धर्मों को एक साथ लाने के उद्देश्य से एक सार्वजनिक मंच के रूप में प्रस्तुत किया था। मंगलवार को आवास विकास फतेहगढ़ रोड पर गणेश प्रतिमाओ की बिक्री जोरों पर रही। 125 रुपये से लेकर 21 हजार रुपये तक की गणेश जी की मूर्ति उपलब्ध रही। 25 अगस्त बुधवार को विघ्नहर्ता विराजेगें। शहर के विभिन्न पाण्डालों व घरों में गणेश प्रतिमा स्थापित की जायेंगी और नौ दिनों तक उनका पूजन होगा। श्रद्धा के इस उल्लास में सभी लोग धूमधाम से गणेश उत्सव मनायेंगे। प्रत्येक वर्ष भी इस वर्ष भी गली, तिराहे, चौराहों के अलावा भी मंदिरों में एवं पाण्डालों में गणेश की प्रतिमा विराजमान की जायेगी। सुबह से ही पूजा अर्चन के साथ प्रतिमा का विराजमान होगा। सनातन धर्म में सभी देवी-देवताओं में प्रथम भगवान के रुप में गणेश जी का पूजन सबसे पहले होता है। गणेश पूजन के बाद ही आगामी वर्ष के सभी त्यौहार आते है। मान्यता है कि गणेश पूजन से सुख-समृद्धि के साथ-साथ मां लक्ष्मी की भी कृपा बरसती है। इसका असर दीपावली के दिन दिखायी पड़ता है। जो मनोकामनायें पूर्ण करने के लिए गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते है उनके सभी संकट बप्पा हर लेते है। पूरे दिन गाजे-बाजे के साथ गणेश प्रतिमा को घर व पाण्डालों में ले जाने का दौर चलता रहा। भक्तगण बड़ी उल्लासपूर्वक गणेश की प्रतिमा लेकर पहुंचेे।
गणेश महोत्सव बुधवार से शुरु, घर-घर बिराजेगें विघ्नहर्ता
