नई दिल्ली: रक्षा सचिव ने कहा कि लगभग 38 तेजस विमान पहले से ही सेवा में हैं और लगभग 80 का निर्माण किया जा रहा है। फरवरी 2021 में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था।
देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को गति देने की दिशा में एक अहम कदम के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) अगले महीने भारतीय वायुसेना को दो तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान सौंप सकती है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने शनिवार को यह जानकारी दी। रक्षा सचिव सिंह ने कहा कि सरकार पहले दो विमानों की आपूर्ति और उनके हथियारों के पूर्ण एकीकरण के बाद एचएएल के साथ अतिरिक्त 97 तेजस विमानों की खरीद के लिए नया अनुबंध करने पर विचार कर रही है। यह सौदा करीब 67,000 करोड़ रुपये का होगा।
मिग-21 का विकल्प बनेगा तेजस
तेजस मार्क-1ए एकल इंजन, बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है, जिसे भारतीय वायुसेना के पुराने मिग-21 विमानों के विकल्प के रूप में तैयार किया गया है। फिलहाल वायुसेना के स्क्वॉड्रन की संख्या घटकर 31 रह गई है, जबकि अधिकृत संख्या 42 है। ऐसे में तेजस विमानों का शामिल होना वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए बेहद अहम है।
80 विमानों पर चल रहा काम
रक्षा सचिव ने कहा कि लगभग 38 तेजस विमान पहले से ही सेवा में हैं तथा 80 अन्य का विनिर्माण किया जा रहा है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने शनिवार को कहा कि सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) अगले महीने दो तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति कर सकती है।
97 तेजस विमानों का कॉन्ट्रैक्ट
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों विमानों की आपूर्ति के बादए सरकार एचएएल के साथ 97 अतिरिक्त तेजस विमानों की खरीद के लिए एक नया अनुबंध कर सकती है। भारतीय वायु सेना ने पिछले अनुबंध के तहत तेजस मार्क-1ए विमानों की आपूर्ति में देरी पर चिंता व्यक्त की थी। सिंह ने कहा कि उम्मीद है कि इनमें से पहले दो विमानों की आपूर्ति हथियारों के साथ सितंबर के अंत तक हो जाएगी। रक्षा सचिव ने कहा कि लगभग 38 तेजस विमान पहले से ही सेवा में हैं और लगभग 80 का निर्माण किया जा रहा है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था।
