फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिला अस्पताल स्थित शव विच्छेदन गृह (पोस्टमार्टम हाउस) बदहाली और लापरवाही का जीवंत उदाहरण बन चुका है। यहां गंदगी, जलभराव और टूटी-फूटी व्यवस्था ने आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पोस्टमार्टम हाउस के मुख्य प्रवेश मार्ग पर पानी भरा हुआ है। लोगों को कीचड़ और जलभराव से गुजरकर निकलना पड़ता है, जो किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं झाडिय़ों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ चुका है। संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आंख मूंदे बैठा है।
बताते चले कि कुछ वर्ष पूर्व तीमारदारों के लिए टीन शेड और शौचालय बनाए गए थे, लेकिन शौचालय गंदगी से पटे पड़े हैं। खिड़कियां टूटी पड़ी हैं और बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। शव के साथ आने वाले लोगों को खुले आसमान के नीचे घंटों खड़े रहना पड़ता है। जिस जगह पर स्वास्थ्य और स्वच्छता का सबसे ज्यादा ख्याल रखा जाना चाहिए वही जगह बीमारियों का अड्डा बन गई है। लोगों का आरोप है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी और संबंधित जिम्मेदार जानबूझकर इस बदहाली को नजरअंदाज कर रहे हैं। जिससे स्थानीय लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। अगर जल्द सफाई और मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं शव विच्छेदन गृह में खुले में पड़े ट्रांसफार्मर से कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है। पोस्टमार्टम हाउस में बिजली की सप्लाई के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर बिना किसी बाउंड्री और कवर के खुले में पड़ा है, तेज वोल्टेज के तार हर समय करंट का खतरा बढ़ाते हैं, बरसात के मौसम में आसपास जलभराव होने से हालात और भयावह हो जाते हैं। शव लेकर पहुंचने वाले परिजन और उनके साथ आए लोग ट्रांसफार्मर के खुले तार और करंट की चपेट में आने के डर से सहमे रहते हैं। लोगों ने खुले में पड़े ट्रांसफार्मर को सही स्थान पर लगाये जाने व व्यवस्थाये दुरुस्त करने की मांग की है।
पोस्टमार्टम हाउस बीमारी का बना अड्डा, जलभराव और गंदगी से परेशान तीमारदार
