अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। कस्बा अमृतपुर में गणेश महोत्सव वर्ष भी बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कस्बे में कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाएँ स्थापित की गई थीं, लेकिन सोमवार को दो प्रमुख प्रतिमाओं का ही विधिविधानपूर्वक विसर्जन किया गया।
पहली प्रतिमा श्री ठाकुरद्वारा महाराज देवराहा बाबा की तपोस्थली पर प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी स्थापित की गई थी। आयोजन का दायित्व धर्मेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह और महेंद्र सिंह पुत्र स्वर्गीय दारा सिंह ने संभाला। प्रतिमा स्थापना से लेकर शोभायात्रा और विसर्जन तक पूरा कार्यक्रम भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। शोभायात्रा ठाकुरद्वारा से प्रारंभ होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई बलीपट्टी रानी गांव के गंगा घाट पहुँची। जहाँ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। दूसरी प्रतिमा का आयोजन शेखर सिंह गहलवार के नेतृत्व में हुआ। उनकी शोभायात्रा भी भक्तिमय माहौल में कस्बे की गलियों से निकलती हुई गंगा घाट तक पहुँची और विधिविधानपूर्वक विसर्जन संपन्न हुआ। शोभायात्राओं के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप, भजन कीर्तन और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। कस्बे और आसपास के हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर भागीदारी निभाई।
धार्मिक सौहार्द और सहयोग
गणेश महोत्सव में कस्बे के विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढक़र सहयोग किया। शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। आयोजन को लेकर लोगों ने इसे केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और मेल जोल का प्रतीक भी बताया। प्रतिमा विसर्जन के बाद ठाकुरद्वारा स्थल पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमें सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त
शोभायात्राओं को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने विशेष व्यवस्था की। गंगा घाट पर भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा। बच्चों को घाट के किनारे जाने से रोका गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। दरोगा राघवेंद्र सिंह भदौरिया और दरोगा सूरज सिंह मुस्तैदी से डटे रहे और व्यवस्था को पूरी तरह संभाले रखा। पूरे आयोजन में कहीं भी अव्यवस्था नहीं हुई और गणेश महोत्सव शांति एवं सौहार्द के साथ सम्पन्न हुआ।
