हिमाचल: भूस्खलन की चपेट में दो घर, मां-बेटी सहित 6 लोगों की मौत, राहत बचाव कार्य जारी

समृद्धि न्यूज। हिमाचल के मंडी के सुंदरनगर में मंगलवार को भूस्खलन की चपेट में दो घर आ गए। मंगलवार को तीन शव मिल गए थे, बुधवार को तीन और शव घर से निकाले गए हैं। फिलहाल तलाशी अभियान चल रहा है। मंगलवार शाम को सुंदरनगर उपमंडल के जमंगबाग में बीबीएमबी कॉलोनी के में पहाड़ी का एक हिस्सा दरक कर दो घरों के उपर आ गिरा। जिसमें कुल 6 लोग मलबे में दब गए। राहत बचाव कार्य में मां व मासूम बेटी के अलावा, एक अन्य बुजुर्ग का शव बरामद बरामद किया गया था। बाद में देर रात को मां और बेटे के अलावा, एक स्कूटर सवार का शव भी बरामद हुआ।

बुधवार सुबह सुंदरनगर में हुए भीषण भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढक़र 6 हो गई है। मंगलवार को बरामद हुए शवों मे मां-बेटे सुरेंद्र कौर और गुरप्रीत सिंह के शव घर की छत काटकर निकाले गए। दोनों घर के नीचे दबे हुए थे। इसके अलावा मलबे में एक व्यक्ति स्कूटर सहित दबा हुआ मिला। जिसकी पहचान डढय़ाल निवासी प्रकाश शर्मा के रूप में हुई है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है, साथ ही टाटा सूमो के दबे होने की सूचना पर भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान गिरने के करीब एक घंटे तक मलबे से लोगों की चीख पुकार सुनाई देती रही, उसके बाद आवाजें थम गईं। मलबे के आगे बेबस लोग कुछ नहीं कर पाए। दो परिवार के सदस्यों के अलावा मलबे की चपेट में एक वाहन भी आया।

उधर, पहाड़ी से मलबा आने के बाद साथ लगते मकानों के लोग खतरे को देखकर भाग गए। स्थानीय निवासी नागेश ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे घटना का पता चला तो वह मदद करने पहुंचे। बताया कि मलबे से करीब एक घंटे तक चीख पुकार सुनाई देती रही। 100 मीटर ऊंची पहाड़ी है। यहां सडक़ है और सडक़ से नीचे दो मकान थे। चांबी पंचायत के उपप्रधान आशीष रावत ने बताया कि उनका घर घटनास्थल के पास ही है। जोरदार धमाके की आवाज सुनी तो मौके पर पहुंचा। देखा कि दोनों मकान मलबे चपेट में आए हैं। उनके पास मशीनरी थी, जिसे मौके पर लगाया गया और खुद मलबा हटाना शुरू किया। सूचना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। इस हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासी संजय और सुनील ने बताया कि इस घर के पास विभाग की तरफ से कटिंग करके पाइपें डालने का कार्य किया जा रहा था, जिस कारण यह हादसा हुआ है। यह कार्य बरसात के बाद भी किया जा सकता था, यदि कटिंग का कार्य नहीं चला होता तो यह हादसा भी नहीं होता, इन्होंने सरकार और प्रशासन से इस पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

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