हनुमानजी के स्वरुप बंदरों को भोजन कराने से सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं: चंद्रपाल यादव

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल यादव प्रतिदिन गंगा स्नान करते हैं। साथ ही बंदरों को चना खिलाते हैं। यह कार्य वह पिछले कई वर्षों से लगातार करते चले आ रहे हंै। बंदरों को हनुमानजी का स्वरुप माना गया है। बंदरों को केला, चना, गुड़ व फल आदि खिलाने से पुण्य मिलता है, क्योंकि जिस तरह से भूखों को खाना खिलाया जाता है और पुण्य मिलता है, उसी तरह बंदरों को बंदरों को भोजन कराना और फल खिलाना शुभ माना गाया है। बंदरों को खाना खिलाने से सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं। ऐसा सपना लाखों में एक इंसान को होता है। जो बंदरों को खिलाता है। साथ ही इस भोजन से बंदरों की भी किस्मत चमक जाती है। शारीरिक व मानसिक कष्ट अपने आप दूर होने लगते हैं। ऐसी मान्यता है कि भूत, प्रेत आदि ऐसे लोगों से दूर रहते हैं। जो हनुमानजी के स्वरुप माने गये बंदरों को फल, चना आदि खिलाते हैं। रामायण में बानर सेना का उल्लेख है है कि वह पर्वतों व जंगलों में रहते थे। उनकी सेवा करने वाला कभी सुख समृद्धि से वंचित नहीं रहता है। सनातन धर्म में हर व्यक्ति को इस तरह की सेवा कार्य करने का अवसर मिलता है। जो इस पुनीत कार्य में लग जाता है रामायण के अनुसार उन्हें मनवांछित फल मिलता है। चंद्रपाल यादव ने बताया बचपन से ही हम बंदरों को चना आदि खिलाते चले आ रहे हैं। इन दिनों मैंने यह कार्य रोजाना शुरु कर दिया है और अपने जीवन में इनको भोजन कराना अपना लक्ष्य मान लिया है। यह कार्य शारीरिक क्षमता के अनुसार जारी रखेंगे। ऐसा करने से मन को अंदर से अनुभूति मिलती है और कार्य करने की क्षमता बढ़ती है।

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