गंगा पर बांध बनाना होगा, जिससे बाढ़ से बचा जा सके
अपने सम्मान के लिये पूर्वजों ने भी खाई है घास की रोटियां: आरकेएस राठौर
विकसित भारत 2047 की अवधारणा पर आधारित विचार गोष्ठी/संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। आयुक्त कानपुर मण्डल कानपुर/जनपद नोडल अधिकारी, विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश/2047 के0 विजेंद्र पांडियन, प्रबुद्धजनों राजीव कुमार सेवानिवृत्त आईएएस, आर0के0एस0 राठौर सेवानिवृत्त आईपीएस, विनोद कुमार तिवारी सेवानिवृत्त प्रोफेसर, अजय गंगवार सेवानिवृत्त मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग व जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ की उपस्थिति में समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश/2047 अभियान की रूपरेखा पर आधारित विचार गोष्ठी व संवाद कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया।
डीएम ने अतिथिगणों का पुष्पगुच्छ व किताब देकर स्वागत किया। विचार गोष्ठी का प्रारम्भ प्रबुद्धजन राजीव कुमार ने विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश/2047 की रूपरेखा व उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को कैसे विकसित राज्य बनाया जाय, इस दिशा में आम जनमानस के सुझाव अपेक्षित हैं। सरकार द्वारा विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। सभी क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दर्ज करायें। उन्होंने कहा कि तीन प्रमुख थीम अर्थशक्ती, सृजनशक्ति, जीवन शक्ति पर आधारित कुल-12 सेक्टर के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। जनपद की खेती उन्नत व विकसित है, सबसे ज्यादा शीतगृह फर्रुखाबाद में है, यहाँ के किसानों को आलू की उन्नत किस्मो को अपनाना होगा। जिससे आलू आधारित उद्योग फर्रुखाबाद में स्थापित हो सके। गांवो में सडक़ बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। गंगा पर बांध बनाना होगा। जिससे कि बाढ़ से बचा जा सके। गँगापार की सड़ेकों को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाये। उन्होंने कहा कि आप की आवाज को शासन को पहुचाएंगे।
आरकेएस राठौर ने कहा कि विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश एक आदर्श परिकल्पना है। हमारे पूर्वजों ने अपने सम्मान के लिये घास की रोटियां भी खाई है, नीयत अच्छी हो, लगन हो, इरादा मजबूत हो तो सभी समस्याओं को हल किया जा सकता है।
पूर्व प्रो0 विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि भारत एक तेजी से बढती हुई अर्थव्यवस्था है, यह समय अमृत काल का है, हमे विकास की गति को बढ़ाते हुये देश को आगे बढ़ाना है। 2014 से 2025 तक भारत का तीव्र गति से विकास हुआ है कुछ सालों पहले अपराध के कारण उद्योग धंधे विकसित नहीं हो रहे थे। कृषि विभाग आलू की ऐसी किस्मे विकसित करें जिसमे वाटर कंटेंट कम हो, विकास के लिये पर्यटन को बढ़ाबा दे, सडक़ों में सुधार हो, इस तकनीक से सडक़े बनाई जाये कि वो बाढ़ के पानी से न कटे। अजय गंगवार ने भी अपने विचार रखे। छात्र वैभव राठौर ने युवाओं में स्किल विकसित करने पर जोर दिया। सुरेंद्र पांडेय ने गंगा के किनारे विश्रामालय बनाने, जनपद में ऑडिटोरियम बनाने चिकित्सा व शिक्षा व्यवस्था नि:शुल्क करने का विचार रखा। भूपेंद्र प्रताप सिंह ने ब्लॉक प्रिंटिंग करने वालो को विशेष प्रशिक्षण दिलाये जाने व जनपद में मेडिकल कालेज खोलने का सुझाव दिया। नम्रता ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद के लिये बाजार उपलब्ध कराने व ड्रेसकोड निर्धारित करने का सुझाव दिया। आयुक्त ने उपस्थित सभी उद्यमियों, आम जनमानस द्वारा दिये गये सुझाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम एक महीने चलेगा। हम देश की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है, सबसे युवा जनसंख्या उ0प्र0 की है। हमारा युवा पीक पर है जो हमारी ताकत है किसान कैश क्रॉप का उत्पादन करे, पलायन को रोका जाएगा। डीएम ने कहा कि आप सभी द्वारा सुझाये गये सभी बिंदुओं को क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कराया जाए। सीडीओ ने सभी का हार्दिक स्वागत व अभिनन्दन किया। उन्होंने सभी से अपील की कि सभी अपने-अपने सुझावों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अवश्य दर्ज करायें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण, व्यापारी, उद्यमी, कृषक, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।
किसान अपनाये आलू की उन्नत किस्म, स्थापित हो सके आलू आधारित उद्योग: प्रबुद्धजन
